
भले ही चीन में 1.41 अरब आबादी में से 1.07 अरब लोगों का वैक्सीनेशन हो चुका है. लेकिन इस वक्त यह देश कोरोना की नई लहर से जूझ रहा है. देश की नेशनल हेल्थ कमीशन (एनएचसी) ने बताया है कि देश के 14 प्रांतों में संक्रमण के नए मामले बढ़े हैं. राजधानी बीजिंग और उत्तरी चीन के पर्यटक स्थलों में कोरोना के नए मामलों ने सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी है।
चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग (एनएचसी) के अधिकारियों ने शनिवार को कहा कि चीन ने कोविड-19 के खिलाफ अपनी 1.41 अरब आबादी में से 1.07 अरब लोगों का टीकाकरण कर लिया है। अभी भी चीन के 14 प्रांतों में कोरोना महामारी से मुश्किलें कम नहीं हुई है।
चीन ने शुक्रवार (29 अक्टूबर) को 59 नए कोरोना केस की पुष्टि की। 16 सितंबर के बाद चीन में कोरोना संक्रमण का ये सबसे बड़ा आंकड़ा है। एनएचसी की रिपोर्ट बताती है कि चीन में कोरोना के अधिकांश मामले उत्तरी क्षेत्रों से सामने आए हैं। जिसमें राजधानी बीजिंग, हेइलोंग जियांग, इनर मंगोलिया, गांसू और निंग्जिया में कोरोना केस डराने वाले हैं।
एनएचसी के प्रवक्ता एमआई फेंग ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि महामारी की रोकथाम और नियंत्रण की स्थिति गंभीर और जटिल है क्योंकि संक्रमण अभी भी तेजी से फैल रहा है। हालांकि, चीन के शीर्ष विज्ञानी झोंग नानशान ने समाचार एजेंसी सिन्हुआ के हवाले से कहा कि एक महीने के भीतर देश कोरोना संक्रमण पर रोक लगाने में कामयाब होगा।
एनएचसी के प्रवक्ता एमआई ने कहा कि कोविड-19 के खिलाफ अभियान में चीन ने 29 अक्टूबर तक 1.07 अरब लोगों को कोरोना टीका की दोनों खुराक लगा दी है। इसका सीधा मतलब है कि देश की 75.8 प्रतिशत आबादी संपूर्ण टीकाकरण में आ चुकी है।
यही नहीं, कोरोना की तीसरी लहर के प्रकोप के मद्देनजर चीन के कई प्रांतों ने 3 से 11 वर्ष की आयु के बच्चों का टीकाकरण भी शुरू कर दिया है। चाइना डेली की रिपोर्ट के मुताबिक, चांगडे, हुनान प्रांत और जिंहुआ, झेजियांग प्रांत सहित कई शहरों में बच्चों का टीकाकरण किया जा रहा है।