90 डिग्री ब्रिज विवाद: हाईकोर्ट ने ठेकेदार को दोषमुक्त बताया, ब्लैकलिस्टिंग आदेश लौटाया – अदालत का तंज, ‘बलि का बकरा बाहर, अब किसी न किसी का सिर कटेगा; ठेकेदार को तो मेडल मिलना चाहिए था’

भोपाल के ऐशबाग में चर्चित 90 डिग्री ब्रिज के मामले में गुरुवार को हाई कोर्ट ने ठेका कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने के आदेश को वापस लेने के आदेश दिए हैं। साथ ही सरकार से रिपोर्ट भी मांगी है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा, ‘बलि का बकरा बाहर हो गया, अब किसी न किसी का सिर तो कटेगा।’

चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की बेंच ने साफ किया कि जब निर्माण विभाग की ड्रॉइंग के अनुसार काम हुआ है, तो ठेकेदार को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। मामले की अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को होगी। तब तक ब्लैकलिस्टिंग पर रोक जारी रहेगी।

10 सितंबर को हाई कोर्ट ने कहा था-

पीडब्ल्यूडी ने ठेकेदार को जैसा नक्शा दिया था, वैसा ही ब्रिज बनाया। उसे सजा नहीं, मेडल मिलना चाहिए। भी साफ सामने आया कि पीडब्ल्यूडी ने ठेकेदार पुनीत चड्ढा को जो जनरल अरेंजमेंट ड्रॉइंग दी थी, उसमें पुल का एंगल 119 डिग्री था। जांच में बना एंगल करीब 118 डिग्री पाया गया, जो लगभग समान है। निर्माण विभाग के नक्शे के अनुसार ही कार्य हुआ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *