
93 वर्ष की हमारे मित्र जसमीत ग्रेवाल की नानी की पंजाब के किसानो से अपील, हौसला बनाये रखे और लड़ाई जारी रखे। ये उन नेताओ को सबक़ है जो कह रहे है की ये किसान आंदोलन नहीं है। देश के शीर्ष नेता हैदराबाद में अपने आप को सिद्ध करने में लगे है की वो औवेसी के ख़िलाफ़ है और औवेसी उनकी शाखा नहीं है। 3दिसंबर जो जब वो फ़्री होंगे तब किसानो की सुध लेंगे।