श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में यात्रा के दौरान जानिए कितने यात्रियों की हुई मौत,सरकार ने राज्यसभा में बताया

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार, 19 सितंबर को राज्यसभा को सूचित किया कि 1 मई से 9 सितंबर के बीच श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में यात्रा के दौरान कुल 97 लोगों की कथित रूप से मौत हो गई. मौतों की संख्या को लेकर टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने सवाल पूछा था.
रेलमंत्री ने कहा, ‘राज्य पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़े के आधार पर वर्तमान कोविड-19 संकट के दौरान श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में यात्रा करते हुए नौ सितंबर 2020 तक 97 लोगों की मौत हुई। राज्य पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सीआरपीसी की धारा 174 के तहत अप्राकृतिक मृत्यु का मामला दर्ज किया।’

 

ह्रदय गति रुकने व ब्रेन हेमरेज समेत कई बीमारियां बनीं वजह:-गोयल ने बताया कि इन 97 मामलों में से राज्य पुलिस ने 87 मामलों में शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। अभी तक संबंधित राज्य पुलिस बलों से कुल 51 पोस्टमार्टम रिपोर्ट मंगा ली गई हैं। इनमें मौत का कारण हृदय गति रुकने, दिल की बीमारी, ब्रेन हेमरेज, पूर्व से ही क्रोनिक बीमारी या अन्य कारण बताया गया है।

इससे पहले श्रम मंत्रालय ने इसी सप्ताह संसद को सूचित किया था कि कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए 25 मार्च से 68 दिनों तक लागू लॉकडाउन के दौरान कितने प्रवासियों की जान गई इसका आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। इसके बाद आलोचना के दायरे में सरकार के आने के बाद रेल मंत्री ने बयान दिया।

श्रमिक स्पेशल ट्रेनें एक मई से प्रवासी कामगारों को उनके गृह राज्यों तक पहुंचाने के लिए चलाई गई थीं। एक मई से 31 अगस्त तक चलाई गई 4,621 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में 6,319,000 यात्रियों को उनके गृह राज्यों तक पहुंचाया गया।

 

21 सितंबर से शुरू होंगी 40 और ट्रेनें:-वहीं, दूसरी ओर कोरोना संकट के बीच यात्रियों की जबर्दस्त मांग के मद्देनजर भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने कुछ खास रेल मार्गो के लिए 40 और ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। इसमें से 19 जोड़ी स्पेशल क्लोन ट्रेनें (Clone Trains) होंगी, जबकि एक जोड़ी जन शताब्दी ट्रेनें चलाई जाएंगी। इन ट्रेनों का संचालन आगामी सोमवार यानी 21 सितंबर से शुरू होगा। रेलवे के मुताबिक 21 सितंबर से चलने वाली 20 जोड़ी क्लोन ट्रेनों में से अधिकांश बिहार जाने वाली और वहां से वापस आने वाली हैं।

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