इंदौर से लापता NEET छात्रा निक्की यादव का शव खरगोन में मिला: परीक्षा देने मऊ गई थी, फिर घर नहीं लौटी; अंतिम लोकेशन बड़वाह में मिली, नर्मदा में कूदकर आत्महत्या की आशंका

इंदौर से लापता नीट (National Eligibility cum Entrance Test) छात्रा का शव खरगोन में नर्मदा नदी में मिला। लसूड़िया इलाके में तलावली चांदा की रहने वाली 18 वर्षीय निक्की यादव रविवार को नीट यूजी का पेपर देने घर से निकली थी। परीक्षा केंद्र मऊ में था। परीक्षा खत्म होने के बाद निक्की देर रात तक घर नहीं लौटी।

इंदौर की निक्की यादव की लाश खरगोन में नर्मदा नदी में मिली।

कोई सुराग नहीं मिलने पर परिजन भंवरकुआं थाना पहुंचे। बेटी के लापता होने की सूचना दी। पुलिस ने तलाश शुरू की। सोमवार दोपहर भंवरकुआं थाने में खरगोन के करही थाने से एक युवती की लाश मिलने का फोन आया। उसके पास निक्की का पहचान पत्र मिलने की बात कही गई।

भंवरकुआं पुलिस परिजन को लेकर खरगोन पहुंची, जिन्होंने उसे पहचान लिया। पुलिस प्रारंभिक तौर पर आत्महत्या की आशंका जता रही है। हालांकि, मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही हो सकेगा।

मां को फोन किया कि कुछ देर में घर पहुंच जाएगी

निक्की के पिता रामानंद यादव अकाउंटेंट हैं। उन्होंने कहा- रविवार को छोटा बेटा शिवम उसे परीक्षा केंद्र छोड़ने गया था। परीक्षा खत्म होने के बाद निक्की ने किसी अन्य छात्रा के मोबाइल से अपनी मां को फोन किया। कहा कि उसका मोबाइल बंद हो गया है और वह कुछ देर में घर पहुंच जाएगी।इसके बाद परिवार का उससे संपर्क नहीं हो सका। परिजन ने रात करीब 10 बजे तक उसका इंतजार किया। काफी तलाश करने के बाद वे लसूड़िया थाने पहुंचे।

निक्की का शव खरगोन की नर्मदा नदी में मिला।

रात में ही थाने पहुंचे, पुलिस ने नहीं की कोई मदद

निक्की के परिजन का आरोप है कि वे रविवार रात को ही थाने पहुंच गए थे। करीब एक घंटे तक इंतजार कराने के बावजूद पुलिस की ओर से कोई मदद नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम पर सूचना दी। कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर सोमवार सुबह दोबारा भंवरकुआं थाने पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।

डॉक्टर बनना चाहती थी, दो बार नीट दे चुकी थी

रामानंद यादव ने बताया कि निक्की इससे पहले भी दो बार नीट परीक्षा दे चुकी थी, लेकिन सफल नहीं हो पाई थी। वह डॉक्टर बनना चाहती थी और इसके लिए लगातार मेहनत कर रही थी। परिवार में उसकी दो बड़ी बहनें सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। एक भाई इंजीनियर है और छोटा भाई स्कूल में है।परिवार का कहना है कि निक्की किन परिस्थितियों में बड़वाह पहुंची, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

पुलिस मामले की जांच कर रही है।

बड़वाह में मिली थी अंतिम लोकेशन

पुलिस के अनुसार, निक्की के मोबाइल की अंतिम लोकेशन बड़वाह क्षेत्र में मिली थी। फिलहाल छात्रा के परीक्षा के बाद के मूवमेंट, मोबाइल फोन और अन्य हालात की जांच की जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *