फर्जी NEET प्रश्न पत्र बेचने के आरोप में गिरफ्तार इंदौर के लॉ स्टूडेंट अक्षय मालवीय ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि इंस्टाग्राम पर एक फर्जी प्रश्न पत्र की स्टोरी पोस्ट करने पर उसे करीब 8 हजार लाइक्स मिले थे। इसके बाद सैकड़ों मैसेज आने लगे। वह सोशल मीडिया पर फेमस होना चाहता था, इसलिए बढ़ते लाइक्स और मैसेज ने उसका उत्साह बढ़ा दिया।
क्राइम ब्रांच आरोपी अक्षय मालवीय से पूछताछ कर रही है
अक्षय ने पुलिस को बताया कि उसने फर्जी NEET प्रश्न पत्र ChatGPT और अन्य एआई आधारित एप्लीकेशन की मदद से तैयार किए थे। शुरुआत में वह बिना NEET का नाम लिखे प्रश्न पत्र पोस्ट करता था, लेकिन उन्हें ज्यादा रिस्पॉन्स नहीं मिला। बाद में जब NEET परीक्षा दोबारा होने की चर्चाएं शुरू हुईं तो उसने NEET के नाम से फर्जी प्रश्न पत्र पोस्ट करना शुरू कर दिया।

कोटा साइबर सेल ने खरीदार बनकर संपर्क किया
इसी दौरान उसकी पोस्ट कोटा साइबर सेल की नजर में आ गई। साइबर सेल ने खरीदार बनकर उससे संपर्क किया और चैटिंग शुरू कर दी। भरोसा जीतने के लिए उसके अकाउंट में पैसे भी ट्रांसफर किए गए। दूसरी तरफ एक टीम उसकी लोकेशन और अन्य जानकारियां जुटाने में लगी रही। जानकारी पुख्ता होने के बाद इंदौर पुलिस को सूचना दी गई।

इंस्टाग्राम ने अक्षय को दो बार अलर्ट भी भेजा
पुलिस जांच में सामने आया कि इंस्टाग्राम ने अक्षय को दो बार अलर्ट भी भेजा था, लेकिन उसने चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया। इसके बाद उसका अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया।
इंदौर क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने 20 जून को अक्षय को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि उसने इंस्टाग्राम पर फर्जी लिंक शेयर कर 30 से 35 छात्रों से रुपए वसूले थे। पूछताछ में यह भी सामने आया कि वह सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने और तेजी से पैसे कमाने के लिए यह पूरा खेल चला रहा था।

क्राइम ब्रांच के टीआई नीरज मेढ़ा के मुताबिक, पुलिस टीम अक्षय के घर पहुंची। परिवार को NEET परीक्षा से जुड़े कोटा पुलिस के ईमेल की जानकारी दी गई। इसके बाद अक्षय को रीगल स्थित कंट्रोल रूम लाया गया। यहां उसके माता-पिता और अन्य परिजन भी पहुंचे। दिनभर उससे पूछताछ होती रही। परिवार को बताया गया कि वरिष्ठ अधिकारी मामले में संज्ञान लेंगे।