
दतिया में पहले नरोत्तम, अब उनके समर्थकों से मुक्त होती भाजपा…
तीन विधानसभा उपचुनावों में आए जनादेश को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने स्वीकार कर लिया है। और दतिया विधानसभा उपचुनाव में मिले जनादेश को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वीकार कर लिया है। पर हार की समीक्षा अब शुरू होते ही कहर बरपाने लगी है। दतिया विधानसभा को टिकट वितरण के समय भाजपा ने नरोत्तम मुक्त करने का सफल प्रयास कर लिया था। शायद लोकतांत्रिक मर्यादा के चलते भाजपा ने उनके खिलाफ सीधी कार्रवाई करने की जगह पार्टी को उपचुनाव जिताने का जिम्मेदार उनको बना दिया था। और नरोत्तम मिश्रा के समर्थक भाजपा जिलाध्यक्ष समेत उन सभी कार्यकर्ताओं के आक्रोश को भी दरकिनार करते हुए मिश्रा के समर्थन में दिए गए सभी के इस्तीफे भी अस्वीकार कर दिए गए थे। भाजपा नेतृत्व का वह फैसला समय के अनुकूल उचित था। यदि भाजपा उपचुनाव में जीत जाती तो शायद विपरीत परिस्थितियों में लिया गया यह फैसला जीवित बना रहता। लेकिन जैसा उम्मीद थी वैसा ही हुआ। भाजपा को उपचुनाव में हार का सामना करना पड़ा। जैसा कि कहा जाता है, 2023 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नहीं जीती थी बल्कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा हारे थे। ठीक उसी तरह विधानसभा उपचुनाव में भी परिस्थितियां बनीं। और अभी भी कांग्रेस नहीं जीती बल्कि भाजपा हारी है। आशुतोष तिवारी हारे हैं। और शायद इसीलिए चुनाव परिणाम के बाद डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने बयान सोच समझकर ही दिया था। नरोत्तम मिश्रा ने कहा था, “मैं 30 साल विधायक रहा हूं और पार्टी ने मुझे 15 साल मंत्री रखा है। मेरी राजनीति का अब पटाक्षेप हो गया है।” और अब चुनाव परिणाम के एक दिन बाद ही भाजपा नेतृत्व ने दतिया, चुनाव परिणाम की समीक्षा के लिए दो सदस्यीय समिति गठित कर दी है। और समिति की पहली सिफारिश स्वीकार करते हुए, दतिया जिले के सभी संगठनात्मक पदाधिकारियों को कार्यमुक्त भी कर दिया है। यानी दतिया विधानसभा के शुद्धिकरण की प्रक्रिया का सही समय अब आ गया है। हो सकता है कि इसके बाद दतिया का कोई भाजपा कार्यकर्ता शायद ही डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समर्थन में खुलकर सामने आने का दुस्साहस कर पाए।
उपचुनावों के परिणाम आने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने प्रतिक्रिया व्यक्त की थी कि गुजरात की मांजलपुर विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी पर अपना विश्वास व्यक्त करने के लिए वहाँ की जनता का हृदय से आभार। इस विजय के लिए भाजपा के सभी समर्पित कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई। वहीं उन्होंने कहा था कि बांकीपुर और दतिया में हमें अपेक्षित जनादेश प्राप्त नहीं हुआ। हम इन दोनों क्षेत्रों के चुनाव परिणामों का पूरी गंभीरता से आत्ममंथन करेंगे तथा नई ऊर्जा और संकल्प के साथ जनता के बीच जाकर उनके विश्वास को और अधिक मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे। तो आत्ममंथन का दौर अब शुरू हो चुका है। दतिया इसका प्रत्यक्ष प्रमाण दे रहा है। नरोत्तम मिश्रा पहले ही कह चुके हैं कि अब पार्टी में कोई पद लेने की उनकी इच्छा नहीं है। उनकी सिर्फ यही इच्छा है कि पार्टी उन्हें एक कार्यकर्ता के तौर पर काम देती रहे, जैसा पिछले ढाई साल से देती आ रही है। और अब आत्ममंथन के नतीजे, भाजपा के उन सभी दिग्गज और कद्दावर नेताओं के साथ-साथ उनके समर्थकों को भी सीख देने वाले साबित होंगे। यह बात अब तय है कि भारतीय जनता पार्टी उन सभी पुराने दिग्गजों से मुक्त होने के लिए छटपटा रही है जो खुद को कार्यकर्ता से बहुत ऊँचा और पार्टी का उद्धारक समझने लगे हैं। पार्टी अब यह अहसास खुद भी कर रही है और अपने नेताओं को भी करा रही है कि पार्टी से बढ़कर कोई भी नहीं है। जो नेता खुद को पार्टी से बड़ा समझने के भ्रम में है, अब पार्टी ने उनका भ्रम तोड़ने की कमर कस ली है।
भाजपा ने बिना देर किए हुए 3 अगस्त 2026 को घोषित हुए दतिया विधानसभा उपचुनाव के परिणामों की समीक्षा हेतु दो सदस्यीय समिति 4 अगस्त 2026 को गठित कर दी। प्रदेश महामंत्री गौरव रणदीवे एवं वरिष्ठ नेता अंबाराम कराड़ा को इसका सदस्य बनाया गया। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खंडेलवाल ने बताया कि यह समिति चुनाव से जुड़े जिम्मेदार पदाधिकारियों एवं वरिष्ठ नेताओं से चर्चा कर चुनाव परिणाम के कारणों का विश्लेषण करेगी। समिति अपने निष्कर्षों सहित प्रतिवेदन प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को प्रस्तुत करेगी। और उसके ठीक बाद भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल के निर्देशानुसार दतिया विधानसभा उपचुनाव के परिणामों की समीक्षा के लिए गठित समिति की अनुशंसा के आधार पर भारतीय जनता पार्टी, जिला दतिया की वर्तमान संगठनात्मक संरचना को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया। यानि दतिया में अब भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह से शुद्धिकरण अभियान चला रही है। इसका सीधा सा संदेश यही है कि भाजपा कैडर बेस पार्टी है, इसमें व्यक्ति गौण है और पार्टी ही सर्वेसर्वा है। कार्यकर्ता आधारित पार्टी में किसी कार्यकर्ता को भी ऐसा भ्रम नहीं होना चाहिए कि उसका कद पार्टी से बड़ा हो गया है। और पार्टी जो अनुभव कर रही है वह यही है कि बहुत सारे कार्यकर्ता इस भ्रम में हैं कि पार्टी उनकी वजह से सत्ता में है। और नितिन नवीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के साथ ही अब यह तय हो गया है कि नवीन भाजपा आकार लेकर रहेगी, ताकि विकसित भारत तक सत्ता में बने रहने का आधार तैयार हो सके। संगठन की दृष्टि से सर्वश्रेष्ठ राज्य मध्य प्रदेश से ही भाजपा इस नवप्रयोग पर अमल शुरू कर रही है। शुद्धिकरण का यह मंत्र दतिया से दिल्ली तक
दिखाई देने वाला है।
वैसे दतिया में लोकतंत्र की सही झलक देखने को मिली है। यहाँ उपचुनाव में कांग्रेस को कांग्रेसियों पर भरोसा नहीं था तो भाजपा को भाजपाइयों पर भरोसा नहीं था। और यह भी समझ में नहीं आ रहा है कि चुनाव में कौन किसको हरा रहा था। चुनाव परिणाम से पहले ही कांग्रेस ने 2023 में भाजपा के डॉ. नरोत्तम मिश्रा को हराने वाले राजेन्द्र भारती को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में कांग्रेस से निष्कासित कर दिया था। तो भाजपा में अनुशासनहीनता के खिलाफ कार्रवाई चुनाव परिणाम आने के बाद शुरू हो चुकी है। विधानसभा उपचुनाव हारने के बाद भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी का बयान है कि उन्हें कोई अपना शिकार नहीं बना सकता यानि मन में मलाल यही है कि अपनों ने ही जीत छीन ली है। खैर लोकतांत्रिक स्थितियां यही बता रही हैं कि शुद्धिकरण की जरूरत इधर भी है और उधर भी है। और मूल बात पर आएं तो फिर वही कि दतिया में भाजपा पहले नरोत्तम, अब उनके समर्थकों से मुक्त होती नजर आ रही है… और यह भी तय नहीं है कि विधानसभा चुनाव 2028 में टिकट किसको मिलने वाला है।

कौशल किशोर चतुर्वेदी
कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।
वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।