इंदौर के एमवाय अस्पताल में भर्ती किडनी और लिवर मरीज के साथ डॉक्टरों द्वारा मारपीट और अभद्रता किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित की पत्नी ने अस्पताल अधीक्षक को शिकायत देकर डॉक्टरों पर मारपीट, धमकी और इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए हैं।

अस्पताल में भर्ती मरीज।
पीड़ित महिला द्वारका प्रजापति ने बताया कि उनके पति रामदयाल प्रजापति अस्पताल की पांचवीं मंजिल स्थित वार्ड नंबर-25 में भर्ती हैं। शुक्रवार देर रात करीब 11 से 12 बजे के बीच सैंपल लेने के दौरान डॉक्टरों और स्टाफ से विवाद हुआ। आरोप हैं कि डॉक्टरों ने मरीज के साथ गाली-गलौज और मारपीट करने की कोशिश की।
शिकायत लेकर अधीक्षक तक पहुंची पत्नी
शनिवार को द्वारका प्रजापति ने एमवाय अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक यादव को लिखित शिकायत सौंपी और पूरे मामले में कार्रवाई की मांग की। महिला ने बताया कि वह मूल रूप से देवास के खातेगांव की रहने वाली हैं और फिलहाल इंदौर के मूसाखेड़ी इलाके में रहकर मजदूरी करती हैं। पति की दोनों किडनी और लीवर की गंभीर समस्या के चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

जनसुनवाई में मदद मांगी, अस्पताल भेजा गया
महिला के मुताबिक, वह मंगलवार को कलेक्टर की जनसुनवाई में पति के इलाज के लिए आर्थिक और चिकित्सीय मदद मांगने पहुंची थीं। वहां से उन्हें एमवाय अस्पताल भेजा गया था। इलाज के दौरान यह घटना हो गई।एमवाय अस्पताल ।
डॉक्टरों से पति की जान को खतरा
शिकायत पत्र में महिला ने आरोप लगाया है कि डॉक्टरों ने न सिर्फ वार्ड में बल्कि डायलिसिस यूनिट में भी जाकर उनके पति को धमकाया। उनका कहना है कि डॉक्टरों के व्यवहार से अब उन्हें अपने पति की सुरक्षा को लेकर डर लग रहा है।

शिकायत न करने का बनाया दबाव
द्वारका प्रजापति का आरोप है कि घटना के बाद डॉक्टरों द्वारा लगातार इस मामले की शिकायत न करने का दबाव बनाया जा रहा है। वहीं मरीज रामदयाल ने बताया कि जब उन्होंने सैंपल लेते समय अटेंडर की अनुपस्थिति की बात कही तो डॉक्टर भड़क गए और हाथ में रखी मेडिकल ट्रे उठाकर उन्हें मारने दौड़े।
इलाज में लापरवाही का भी आरोप
परिजनों ने आरोप लगाया कि इलाज के दौरान मरीज के हाथ में लगी सुई (नीडल) टूट गई थी, जिसे निकालने के लिए करीब दो घंटे तक सर्जरी करनी पड़ी। परिवार का कहना है कि यह गंभीर लापरवाही थी, जिससे मरीज की हालत और बिगड़ सकती थी।

बच्चों को लेकर भी की अभद्र टिप्पणी
महिला ने आरोप लगाया कि अस्पताल में मौजूद उनके बच्चों को देखकर डॉक्टरों ने अपमानजनक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों ने कहा, “जब बच्चे पाल नहीं सकते तो पैदा क्यों किए।”
15 दिन से भर्ती, अब डिस्चार्ज की धमकी
परिजनों का कहना है कि रामदयाल पिछले 15 दिनों से भर्ती हैं, लेकिन हालत में खास सुधार नहीं हुआ है। शरीर की सूजन अब भी बनी हुई है। परिवार का आरोप है कि शिकायत के बाद अब उन्हें जबरन डिस्चार्ज करने की धमकी दी जा रही है। पीड़ित परिवार ने निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग की है।