कटनी सीएसपी नेहा पच्चीसिया की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आईजी के निर्देश पर एएसपी अन्नू बेनीवाल की जांच के बाद उनके खिलाफ जमीन सौदे से जुड़े मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। कुठला थाने में नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज और मारुफ अहमद के खिलाफ बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज हुआ है। जांच रिपोर्ट में जमीन की रजिस्ट्री और पैसों के लेनदेन से जुड़े कई तथ्य सामने आए हैं।

दरअसल कटनी जिले के कुठला थाने में दर्ज इस मामले की शुरुआत आकाश उर्फ रमेश लोधी की शिकायत से हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उनके पिता रमेश लोधी पर दबाव बनाकर कन्हवारा गांव की जमीन की रजिस्ट्री 15 अप्रैल 2026 को मारुफ अहमद हनफी के नाम कराई गई। शिकायत में दावा किया गया कि जमीन का सौदा 107 करोड़ रुपये में तय हुआ था, लेकिन उन्हें केवल 15 लाख रुपये का चेक मिला और बाकी रकम नहीं मिली। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि रजिस्ट्री कराने के लिए सरकारी वाहन का इस्तेमाल किया गया।
जांच में बैंक ट्रांजैक्शन और रजिस्ट्री का जिक्र
वहीं जांच रिपोर्ट के अनुसार जिस जमीन की गाइडलाइन कीमत 82.86 लाख रुपये बताई गई, उसकी रजिस्ट्री 18.20 लाख रुपये में कराई गई। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि रजिस्ट्री वाले दिन मारुफ अहमद के बैंक खाते में 15 लाख रुपये जमा हुए। इनमें 10 लाख रुपये शाइन पार्टनर्स के खाते से और 5 लाख रुपये क्षितिज राज के खाते से ट्रांसफर किए गए थे। जांच में यह भी सामने आया कि दोनों खातों में एक ही पैन नंबर दर्ज था। रिपोर्ट में बैंक खाते के एक साल के लेनदेन का भी जिक्र किया गया है। इसमें बताया गया कि 11 जुलाई 2025 को खाते में 3,036 रुपये थे, जबकि बाद में खाते में रकम बढ़ी।
जांच अधिकारी ने रिपोर्ट में क्या लिखा?
जांच अधिकारी ने रिपोर्ट में लिखा कि जमीन खरीदने के लिए जरूरी रकम पहले से खाते में मौजूद नहीं थी और रजिस्ट्री के दिन ही दूसरे खातों से पैसे आए थे। शिकायत और जांच रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि रमेश लोधी के खिलाफ एक आपराधिक मामले की जांच उसी दौरान चल रही थी, जब जमीन की रजिस्ट्री हुई। जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में रमेश पर दबाव बनाकर कम कीमत पर जमीन खरीदने और तीनों आरोपियों के बीच सांठगांठ की संभावना का उल्लेख किया है। इसी आधार पर नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज और मारुफ अहमद के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया।
नेहा पच्चीसिया के खिलाफ पहले से दो अन्य जांच भी चल रही हैं
जानकारी दे दें कि जमीन सौदे का मामला सामने आने से पहले भी सीएसपी नेहा पच्चीसिया दो अन्य मामलों में जांच के दायरे में थीं। जुलाई 2026 में एक ट्रांसपोर्टर ने वाहन चेकिंग के दौरान 30 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया था। शिकायत के बाद उनके ड्राइवर को निलंबित किया गया और उनके क्षेत्र से तीन थानों का प्रभार वापस ले लिया गया था। बाद में इस मामले की जांच जबलपुर भेजकर एएसपी अन्नू बेनीवाल को सौंपी गई। इसके अलावा कुठला थाना क्षेत्र के एक हत्या के मामले में तय समय पर चालान पेश नहीं होने और आरोपी को डिफॉल्ट जमानत मिलने के मामले में भी उनकी भूमिका की जांच चल रही है।