हृदय प्रदेश में सड़क से सदन तक दिल्ली की गूंज… कौशल किशोर चतुर्वेदी

हृदय प्रदेश में सड़क से सदन तक दिल्ली की गूंज…
देश के हृदय प्रदेश में मानसून सत्र के तीसरे दिन सड़क से सदन तक दिल्ली की ही गूंज रही। सड़क पर भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली का नाम रटा तो सदन में कांग्रेस ने दिल्ली के नाम पर हंगामा बरपाया। मध्यप्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दिल्ली में छात्रों के साथ हुई पुलिस बर्बरता, राहुल गांधी सहित कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी का मुद्दा प्रमुखता से सदन में उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार इन महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा से बच रही है। तो दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने रेडक्रॉस अस्पताल से कांग्रेस कार्यालय तक विरोध मार्च निकालकर कांग्रेस के विरोध में शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी सत्ता की लोलुपता में देश के सम्मान और राष्ट्रहित को भी दांव पर लगाने से नहीं चूकते।
विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन सुबह नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक दल के सभी सदस्य राहुल गांधी के साथ दिल्ली पुलिस द्वारा की गई बर्बरता और छात्रों पर हुए अत्याचार के विरोध में काली पट्टी बांधकर विधानसभा पहुंचे। इसके बाद सदन के भीतर इस विषय पर चर्चा की मांग करते हुए उमंग सिंघार ने कहा कि अपने भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, लेकिन सरकार इस गंभीर मुद्दे पर जवाब देने के बजाय चर्चा से बचती रही। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक, भर्ती घोटाले, बढ़ती बेरोजगारी और छात्रों पर अत्याचार भाजपा सरकार की युवा नीति का प्रतीक बन गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि युवा अपने भविष्य को लेकर जवाब मांग रहे हैं, लेकिन सरकार संवेदनशीलता दिखाने के बजाय अहंकार का परिचय दे रही है।कांग्रेस ने इसी विषय को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन किया था। उन्होंने प्रश्न किया कि क्या मुख्यमंत्री के पास प्रदेश के युवाओं की समस्याओं के लिए समय नहीं है। हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष ने इस विषय पर स्थगन प्रस्ताव के तहत चर्चा की अनुमति नहीं दी। सिंघार ने कहा कि अगर सदन में “कॉकरोच” जैसे शब्दों का इस्तेमाल छात्रों और युवाओं के संदर्भ में किया जाता है, तो यह सिर्फ एक टिप्पणी नहीं, बल्कि पूरे युवा वर्ग का अपमान है। युवा अपने भविष्य, शिक्षा और अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्हें अपमानित करना और उन पर देश को अस्थिर करने जैसे आरोपों का संकेत देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। कैलाश विजयवर्गीय को इस टिप्पणी पर सार्वजनिक रूप से माफी माँगनी चाहिए। लोकतंत्र में सवाल पूछने वाले युवाओं का सम्मान होना चाहिए, अपमान नहीं। हालांकि कैलाश विजयवर्गीय ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि उन्होंने छात्रों के लिए कोई अपमानजनक शब्द इस्तेमाल नहीं किया और उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक विपक्ष की भूमिका निभाने के बजाय प्रायोजित अराजकता की राजनीति कर रही है। लोकतांत्रिक संस्थाओं पर अविश्वास फैलाना, विदेशों में भारत के खिलाफ दुष्प्रचार करना राहुल गांधी और कांग्रेस की आदत बन चुकी है। राहुल गांधी सत्ता की लोलुपता में देश के सम्मान और राष्ट्रहित को भी दांव पर लगाने से नहीं चूकते हैं। भाजपा राष्ट्रहित, संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं के सम्मान की रक्षा के लिए सदैव संघर्ष करती रहेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार युवाओं के हितों के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। विपक्ष संवाद नहीं, अराजकता में विश्वास रखता है। नीट-यूजी सहित सभी प्रतियोगी परिक्षाओं की लीक प्रूफ परीक्षा के लिए केन्द्र सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। राहुल गांधी आखिर किसके हित में भारत की उपलब्धियों को नकारने और झूठा नैरेटिव गढ़ते हैं। कांग्रेस को देश की जनता के सामने यह स्पष्ट करना चाहिए कि राहुल गांधी बार-बार विदेशी मंचों पर भारत, भारतीय लोकतंत्र, संवैधानिक संस्थाओं और न्याय व्यवस्था पर सवाल क्यों उठाते हैं? आखिर किसके हित में वे भारत की उपलब्धियों को नकारने और देश के विरुद्ध झूठा नैरेटिव गढ़ने का प्रयास करते हैं? आज का विरोध-प्रदर्शन कांग्रेस और राहुल गांधी को स्पष्ट संदेश है कि मध्यप्रदेश की जनता राष्ट्रविरोधी दुष्प्रचार, झूठ की राजनीति और प्रायोजित अराजकता को कभी स्वीकार नहीं करेगी। हजारों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र की हत्यारी कांग्रेस मुर्दाबाद, राहुल गांधी शर्म करो, कांग्रेस अराजक राजनीति बंद करो जैसे नारे लगाते हुए रेडक्रॉस अस्पताल से प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के पास तक पहुंचे, जहां पुलिस ने बेरिकेटिंग लगाकर रोक दिया।
दिल्ली में राहुल गांधी के धरना प्रदर्शन पर मध्य प्रदेश में भाजपा ने विरोध प्रदर्शित किया तो दिल्ली के मुद्दों पर और संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने धरना दिया और विधानसभा में विरोध प्रदर्शित किया। उमंग सिंघार और कैलाश विजयवर्गीय के बीच संवाद का एक वीडियो भी खूब वायरल हुआ है। दतिया विधानसभा उपचुनाव के बीच मध्यप्रदेश विधानसभा सत्र का तीसरा दिन 22 जुलाई 2026 राहुल गांधी और दिल्ली के नाम रहा। भाजपा और कांग्रेस ने अपनी-अपनी तरह से अपनी-अपनी बात रखी। यानि हृदय प्रदेश में सड़क से सदन तक दिल्ली की गूंज सुनाई देती रही…।

कौशल किशोर चतुर्वेदी

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं