इंदौर के सबसे व्यस्त चौराहों में शामिल लवकुश चौराहा अब शहर के सबसे आधुनिक ट्रैफिक इंटरचेंज के रूप में विकसित हो रहा है। करीब 175 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा प्रदेश का पहला डबल डेकर ब्रिज अंतिम चरण में है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दो दिन पहले इसकी एक लेन का शुभारंभ कर चुके हैं, जिससे एक ओर का यातायात आसान हो गया है। अब दूसरी लेन का निर्माण सितंबर 2026 तक पूरा होने का लक्ष्य है। इसके बाद उज्जैन रोड, एमआर-10, बाणगंगा, अरबिंदो अस्पताल, एयरपोर्ट और शहर के पश्चिमी हिस्से के बीच आवागमन पहले की तुलना में अधिक तेज और सुगम होगा।
MP का पहला डबल डेकर ब्रिज
यह मध्य प्रदेश का पहला ऐसा डबल डेकर ब्रिज है, जहां सड़क, ब्रिज और मेट्रो एक ही कॉरिडोर (एमआर-10 रोड) पर अलग-अलग स्तर पर संचालित होंगे। नीचे सड़क यातायात और ऊपर मेट्रो ट्रैक रहेगा। सीमित स्थान में दोहरी परिवहन व्यवस्था विकसित होने से भविष्य में ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है।
चार तस्वीरें देखिए

आईडीए ने साल 2023 में इस प्रोजेक्ट का निर्माण शुरू कराया था

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दो दिन पहले इसकी एक लेन का शुभारंभ कर चुके हैं।

नीचे सड़क यातायात और ऊपर मेट्रो ट्रैक रहेगा।

2023 में शुरू हुआ था प्रोजेक्ट
आईडीए ने साल 2023 में इस प्रोजेक्ट का निर्माण शुरू कराया था। मेट्रो कॉरिडोर के साथ समन्वय, तकनीकी जटिलताओं और स्टील बो-स्ट्रिंग स्ट्रक्चर के निर्माण के कारण काम कई चरणों में पूरा किया गया। पहली लेन 23 जुलाई 2026 को शुरू हुई, जबकि दूसरी लेन सितंबर 2026 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुभारंभ करते हुए कहा था- यह परियोजना सिंहस्थ-2028 के दौरान इंदौर-उज्जैन मार्ग पर बढ़ते यातायात को सुगम बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।
इंदौर एयरपोर्ट से उज्जैन तक तेज कनेक्टिविटी मिलेगी
सिंहस्थ-2028 के दौरान लाखों श्रद्धालु इंदौर एयरपोर्ट और शहर के रास्ते उज्जैन पहुंचेंगे। ऐसे में लवकुश डबल डेकर ब्रिज प्रमुख ट्रैफिक लिंक बनेगा। इसके शुरू होने से उज्जैन रोड पर जाम कम होगा, एयरपोर्ट से उज्जैन तक तेज कनेक्टिविटी मिलेगी, बाणगंगा, एमआर-10 और अरबिंदो अस्पताल क्षेत्र का ट्रैफिक दबाव घटेगा और ईंधन और यात्रा समय की बचत होगी।

इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन रीजन को मिलेगी गति
राज्य सरकार इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन रीजन (UIMR) विकसित कर रही है। इस योजना का उद्देश्य दोनों शहरों को आर्थिक, औद्योगिक, आवासीय और परिवहन नेटवर्क के रूप में जोड़ना है। विशेषज्ञों का मानना है कि लवकुश डबल डेकर ब्रिज इस क्षेत्रीय विकास की महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा और भविष्य में बेहतर सड़क नेटवर्क, मेट्रो कनेक्टिविटी, औद्योगिक निवेश और लॉजिस्टिक्स को गति मिलेगी।
सिंहस्थ को देखते हुए इंदौर-उज्जैन मार्ग का बदलेगा स्वरूप
लवकुश डबल डेकर ब्रिज के साथ इंदौर-उज्जैन मार्ग को छह लेन में विकसित किया जा रहा है। सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए सड़क चौड़ीकरण, फ्लाईओवर और ट्रैफिक प्रबंधन से जुड़े कई प्रोजेक्ट एक साथ चल रहे हैं। इनके पूरा होने के बाद दोनों शहरों के बीच आवागमन अधिक तेज, सुरक्षित और व्यवस्थित होने की उम्मीद है।
