बीकानेर: बीकानेर जिले में कांग्रेस पार्टी की आपसी कलह एक बार फिर सड़कों पर आ गई है. वार्ड पचास में चुनाव कार्यालय के उद्घाटन के दौरान टिकट वितरण से उपजा असंतोष इस कदर भड़का कि विवाद सीधे हाथापाई तक पहुंच गया. इस घटना में शहर कांग्रेस जिला अध्यक्ष मदन मेघवाल के साथ मारपीट किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है. आरोप है कि टिकट नहीं मिलने से नाराज एक प्रत्याशी और उसके समर्थकों ने जिला अध्यक्ष को निशाना बनाया, जिससे स्थानीय राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है.
कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल के साथ मारपीट
यह पूरी घटना नवरत्न डागा के चुनाव कार्यालय के उद्घाटन के दौरान की है. कार्यक्रम में पार्टी के कई स्थानीय नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे. शुरुआत में सब कुछ सामान्य नजर आ रहा था, लेकिन टिकट बंटवारे को लेकर भीतर सुलग रहा असंतोष अचानक सतह पर आ गया. उद्घाटन समारोह के दौरान ही विरोध और तनाव का माहौल बन गया, जिसने कुछ ही पलों में हिंसक रूप ले लिया और सार्वजनिक मंच पर पार्टी की किरकिरी करा दी.

मुंह मीठा कराने के बहाने बुलाया और कर डाली मारपीट
शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन मेघवाल ने आरोप लगाया है कि मोहित अरोड़ा और उसके साथियों ने उनके साथ बदसलूकी और मारपीट की. मेघवाल के मुताबिक, दीपक अरोड़ा के बेटे मोहित अरोड़ा ने उन्हें ‘अंकल’ कहकर बुलाया और बातचीत करने के बहाने एक तरफ ले गया. जैसे ही वे अलग हुए, आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर उन पर हमला बोल दिया. इस झड़प और हाथापाई के दौरान मदन मेघवाल का कुर्ता तक फाड़ दिया गया, जिससे मौके पर भारी अफरा-तफरी मच गई.
आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री डॉ. बीडी कल्ला तथा देहात कांग्रेस जिलाध्यक्ष सहित कई अन्य नेता तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने का प्रयास किया. घटना के बाद शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन मेघवाल ने इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ी नाराजगी जताई है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है.
स्थानीय कांग्रेसी नेता उन्हें ज्यादा तवज्जो नहीं देते
इस घटना के केंद्र में रहे शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल का राजनीतिक बैकग्राउंड भी चर्चा में है. मदन गोपाल मेघवाल केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के रिश्ते में भाई हैं. उन्होंने आईपीएस की नौकरी से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेकर कांग्रेस ज्वाइन की थी और पार्टी ने उन्हें अर्जुन राम मेघवाल के खिलाफ लोकसभा चुनाव में अपना उम्मीदवार भी बनाया था. हालांकि, वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों और स्थानीय स्तर पर कमजोर पकड़ के चलते बीकानेर में पार्टी के
बीकानेर कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी
इस घटना ने बीकानेर कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी और अनुशासनहीनता को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है. चुनाव के समय सार्वजनिक मंच पर जिला अध्यक्ष के साथ हुई इस मारपीट से पार्टी की छवि को बड़ा धक्का लगा है. अब देखना यह होगा कि पार्टी का उच्च नेतृत्व इस गंभीर अनुशासनहीनता पर क्या कदम उठाता है