
बंगाल में चंदननगर के पुलिस आयुक्त हुमायूं कबीर ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया। दरअसल, बंगाल में राजनीतिक प्रदर्शन के दौरान गोली मारो का नारा लगाने वाले BJP कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने वाले कबीर का कहना है कि वह निजी कारणों से इस्तीफा दिया है। हुमायूं कोलकाता के पास चंदननगर के पुलिस कमिश्नर हैं। हुमायूं कबीर को दिसंबर में इंस्पेक्टर जनरल की रैंक का प्रमोशन मिला था। बंगाल में बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस में मचे घमासान के बीच यह मामला सामने आया है।
दरअसल, 21 जनवरी को बंगाल में बीजेपी की रैली के दौरान जब कुछ पार्टी कार्यकर्ताओं ने “गोली मारो” का नारा लगाया था तब उन्हें गिरफ्तार किया गया था. उन्हें हिंसा भड़काने के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. पुलिस ने स्थानीय बीजेपी नेता सुरेश शॉ और दो अन्य को इस नारेबाजी का वीडियो सामने आने के कुछ घंटों बाद ही गिरफ्तार कर लिया था. इस रैली की अगुवाई बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी और हुगली से बीजेपी सांसद लॉकेट चटर्जी कर रहे थे.
तृणमूल कांग्रेस में ममता के बेहद करीबी समझे जाने वाले सुवेंदु अधिकारी ने पिछले माह ही तृणमूल कांग्रेस छोड़ी थी. इसके बाद टीएमसी से पलायन करने की होड़ लग गई. टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा है कि इस नारेबाजी को लेकर हुई गिरफ्तारी पूरी तरह पुलिस का मामला है. इसका उनका पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है.
इस गिरफ्तारी पर सवाल उठे थे, क्योंकि तृणमूल कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने कोलकाता में एक दिन पहले ही इसी तरह की नारेबाजी की थी और उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी. तृणमूल सरकार ने यह मुद्दा चुनाव आयोग के समक्ष भी उठाया था. वहीं बीजेपी ने इस मामले में पक्षपात की शिकायत की थी.बंगाल बीजेपी प्रमुख दिलीप घोष ने कहा था कि सत्तारूढ़ पार्टी की ज्यादा जिम्मेदारी बनती है. जब उनकी ओर से भड़काऊ बयानबाजी होगी तो उस पर प्रतिक्रिया होती है.