रातीबड़ के गोरेगांव में कारोबारी संतोष सिंह तोमर के घर के बाहर फायरिंग का मामला अब धमकी से शुरू होकर फायरिंग और उसके बाद भी धमकी जारी रहने की कड़ी से जुड़ गया है।फरियादी पक्ष का दावा है कि फायरिंग से पहले उन्हें फोन पर धमकियां दी गईं और वारदात के बाद भी दबाव बनाने का सिलसिला जारी रहा। इस संबंध में फरियादी पक्ष ने ऑडियो रिकॉर्डिंग भी जारी की हैं।
इन 6 ऑडियो में एक व्यक्ति फरियादी को गालियां देते हुए भोपाल में काम नहीं करने की धमकी देता सुनाई दे रहा है। वह खुद को मुरैना निवासी सौरभ चौहान बताता है और कहता है कि वह ग्वालियर से जमीन का काम करने आया है।बातचीत में वह जमीन से जुड़े विवाद का हवाला देते हुए फरियादी को चुनौती देता है। हालांकि ऑडियो की आवाज और उसमें किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।

सबसे पहले समझिए आखिर हुआ क्या था…
भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र के गोरेगांव में अवैध प्लॉटिंग की शिकायत करने वाले 60 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी संतोष सिंह तोमर के घर के बाहर गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात करीब ढाई बजे फायरिंग हुई।तोमर के मुताबिक SUV से आधा दर्जन से ज्यादा बदमाश उनके घर पहुंचे और गेट के बाहर पांच राउंड फायर किए। इसके बाद जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। कारोबारी ने गांव में रहने वाले लखन मारण पर संदेह जताया है।
अब पढ़िए 6 ऑडियो के मुख्य अंश…

पहले धमकी, फिर रात में फायरिंग
फरियादी के मुताबिक जमीन को लेकर विवाद के बीच पहले फोन पर धमकियां दी गईं। इसके बाद 10 सितंबर की दरमियानी रात करीब 2:30 बजे SUV से पहुंचे लोगों ने घर के बाहर फायरिंग की। फरियादी पक्ष का आरोप है कि फायरिंग के बाद भी उन्हें धमकियां मिलती रहीं।
फायरिंग के बाद FIR में भी देरी
फायरिंग के बाद रात 2:55 बजे FRV को सूचना दी गई। करीब 3:30 बजे फरियादी पक्ष रातीबड़ थाने पहुंच गया। इसके बावजूद FIR अगले दिन 11 सितंबर शाम 5 बजे दर्ज हुई।FIR में फिलहाल कोई आरोपी नामजद नहीं है। केस में वाहन नंबर MP 13 ZD 5656 का उल्लेख किया गया है। फरियादी पक्ष ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय में भी शिकायत की है।

जमीन विवाद की शिकायत से जुड़ रही कड़ी
तोमर का आरोप है कि गोरेगांव में कथित अवैध प्लॉटिंग को लेकर शिकायत करने के बाद से उनका विवाद लखन मारण से चल रहा था। उनका दावा है कि विवाद के दौरान पहले धमकियां दी गईं और बाद में घर के बाहर फायरिंग की गई।
अब पुलिस के लिए जमीन की शिकायत, धमकी वाले ऑडियो, फायरिंग और SUV की मूवमेंट को लेकर जांच कर रही है। खासकर यह पता लगाना जरूरी है कि फायरिंग से पहले किस-किस नंबर से संपर्क हुआ और वारदात के बाद किन लोगों ने फरियादी से संपर्क किया।
