उदयपुर. कड़कड़ाते नोट, चमचमाता सोना और चांदी की आभा… बप्पा का ऐसा अलौकिक रूप आपने पहले शायद ही कभी देखा होगा. राजस्थान के उदयपुर जिले से गणेश महोत्सव की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है. यहां बप्पा का दरबार किसी कुबेर के खजाने जैसा नजर आ रहा है.

उदयपुर में बप्पा के दरबार में कुबेर का खजाना खुल गया.
उदयपुर जिले के फतहनगर कस्बे का गणेश चौक इस समय पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है. वजह है यहां के गणेश पंडाल में सजी बप्पा की अनोखी और बेहद कीमती ‘आंगी’ (श्रृंगार). इस बार बप्पा को सजाने के लिए फूलों या कपड़ों का नहीं, बल्कि करोड़ों के कड़कड़ाते नोटों, सोने और चांदी का इस्तेमाल किया गया है.धार्मिक मान्यताओं में बप्पा को रिद्धि-सिद्धि और समृद्धि का दाता माना जाता है, लेकिन फतहनगर के इस पंडाल में समृद्धि साक्षात रूप में बप्पा के चरणों में बिछी नजर आ रही है.
एक करोड़ 41 लाख के नोट और किलोभर सोना
आयोजन समिति के मुताबिक, बप्पा के इस भव्य श्रृंगार में जितनी रकम और जेवरात लगे हैं, उसकी कुल कीमत सुनकर किसी के भी होश उड़ जाएंगे. श्रृंगार में एक करोड़ 41 लाख रुपए के चमचमाते नोटों का इस्तेमाल किया गया है. बप्पा के पीछे और आसपास इन नोटों की दीवार सी बनाई गई है. बप्पा की आंगी में एक किलो शुद्ध सोना लगा है. इसके अलावा 41 किलो चांदी से विघ्नहर्ता का श्रृंगार किया गया है.
अगर इस पूरी सामग्री की कुल कीमत आंकी जाए, तो यह आंकड़ा तीन करोड़ 85 लाख 31 हजार 111 रुपए बैठता है. यही वजह है कि यह राजस्थान के सबसे महंगे गणेश पंडालों में से एक बन गया है.
उमड़ रहा आस्था का सैलाब
फतहनगर के गणेश चौक में गणेशोत्सव का यह कोई पहला आयोजन नहीं है. यहां पिछले 22 वर्षों से लगातार गणेश महोत्सव बेहद धूमधाम से मनाया जा रहा है. लेकिन इस साल करोड़ों की इस अनोखी आंगी ने इतिहास रच दिया है. इस अद्भुत और अलौकिक रूप के दर्शन करने के लिए सिर्फ फतहनगर ही नहीं, बल्कि दूर-दराज के इलाकों से भी भारी भीड़ उमड़ रही है.