भोपाल में बिप्लब और चन्द्रशेखर… तो बालाघाट में राहुल के तेवर… कौशल किशोर चतुर्वेदी

भोपाल में बिप्लब और चन्द्रशेखर…
तो बालाघाट में राहुल के तेवर…
गांधी जयंती के एक दिन पहले एक अक्टूबर 2026 को मध्य प्रदेश के दोनों प्रमुख राजनैतिक दलों भाजपा और कांग्रेस के दिग्गज एक-दूसरे को आईना दिखाते रहे। भाजपा के प्रदेश प्रभारी बनकर पहली बार मध्य प्रदेश आए त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब देव और सह प्रभारी रेखा वर्मा भोपाल में संगठन को लेकर कसरत करते रहे तो
राहुल का नाम आने पर कांग्रेस को कोसने में और भी दो कदम आगे रहे। तो बालाघाट में राहुल गांधी प्रदेश की भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा करने में पीछे नहीं रहे। राहुल के नाम पर बिप्लब कुमार देव ने तो यहां तक कह दिया कि नेहरू के चलते ही देश में बर्बादी का आलम है। तो राहुल गांधी ने बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत को भाजपा सरकार की नाकामी बताते हुए मोहन से लेकर मोदी तक सभी को निशाने पर ले लिया।
पहले बात भाजपा की कर लें तो बिप्लब देव ने साफ कर दिया है कि संगठन में समन्वय के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे। समन्वय में कमी की बात न कहकर उन्होंने सधे हुए शब्दों में कहा कि समन्वय एक सतत प्रक्रिया है। और उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भाजपा सरकार अंतिम व्यक्ति को सशक्त करने के लिए बनती है। कोर कमेटी को लेकर भी उन्होंने नरोत्तम मिश्रा की अनुपस्थिति का कोई ठोस जवाब नहीं दे पाया तो यह संकेत भी दिया कि आगामी समय में कोर कमेटी में भी बदलाव देखने को मिलेगा। यानी कि बदलाव में बहुत से वर्तमान चेहरे कोर कमेटी में नजर नहीं आएंगे। उन्होंने यह भी साफ किया कि वह संगठन के ही व्यक्ति हैं और इसका मतलब साफ था कि संगठन में कहां कहां कमियां हैं, वह उनकी नजर में आ चुकी हैं। हालांकि कांग्रेस पर निशाना साधते हुए भी वह कहीं ना कहीं भाजपा नेताओं को आगाह कर रहे थे कि ऐसी कमियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बिप्लब कुमार देब ने कहा कि मध्यप्रदेश में भाजपा का संगठन मजबूत, सक्रिय और व्यापक है। संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं की एकजुटता के कारण कांग्रेस हमारे मुकाबले में नहीं है। कांग्रेस संगठन लगातार कमजोर हो रहा है और वहां असंतोष एवं टूट की स्थिति दिखाई दे रही है। विपक्षी दलों के पास जनता के विकास और प्रदेश के भविष्य को लेकर कोई स्पष्ट विजन नहीं है।
प्रदेश सगंठन महामंत्री चंद्रशेखर ने कहा कि संगठन में दायित्व मिलना या दायित्व से हटना स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन किसी भी परिस्थिति में कार्यकर्ता की नाराजगी संगठन से नहीं जुड़नी चाहिए। भाजपा आज जिस मुकाम पर पहुंची है, उसके पीछे वर्षों का संघर्ष, त्याग और लाखों कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम है। अनेक कार्यकर्ताओं ने संगठन को मजबूत करने के लिए अपना जीवन समर्पित किया है। इसलिए हमारी जिम्मेदारी है कि संगठन की इस विरासत को आगे बढ़ाते हुए जनसेवा को अपना मूल आधार बनाकर जनता के विश्वास को हमेशा कायम रखना है। संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की एकजुटता और निरंतर जनसेवा के माध्यम से हम आने वाले समय में पार्टी को और अधिक मजबूत बनाएंगे। मध्यप्रदेश भाजपा के संगठनात्मक कार्यों और कार्यपद्धति को देश में एक ऑदर्श के तौर पर देखा जाता है। हमारी सबसे बड़ी ताकत हमारे कार्यकर्ता हैं, इसलिए हमें संगठन में सभी को साथ लेकर चलना है और आपसी समन्वय के साथ आगे बढ़ना है। कुल मिलाकर चंद्रशेखर ने भी यही जोर दिया कि जनविश्वास को बनाए रखना है, और
सेवा और संगठन के विस्तार पर फोकस करना है।
बालाघाट में राहुल गांधी ने सरकारी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार 24 घंटे विकास की बात करती है, जबकि जमीन पर 24 घंटे भ्रष्टाचार दिखाई देता है। आदिवासियों को जब सरकार की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, तब सरकार वहां दिखाई नहीं देती। ऐसा लगता है कि मध्य प्रदेश और केंद्र सरकार की वहां कोई प्रभावी उपस्थिति नहीं है। राहुल गांधी ने कहा कि बालाघाट में जिस तरह आदिवासी बच्चों की जान गई, वह मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार की नाकामी को दर्शाता है। वे इस घटना के साथ-साथ देशभर में आदिवासियों के साथ हो रहे अन्याय का मुद्दा लोकसभा के अंदर उठाएंगे।
तो लगता है कि प्रदेश में आगामी समय भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के लिए बहुत चुनौतीपूर्ण है। भाजपा को जहां नए प्रदेश प्रभारी के साथ प्रदेश संगठन महामंत्री मिलने के बाद अब मिशन-2028 के लिए सत्ता और संगठन में आमूलचूल बदलाव लाने के लिए तैयार है। इसके लिए कमियों को दूर करने का सिलसिला जल्द ही शुरू होने वाला है। तो कांग्रेस लगातार विपक्ष के रूप में अपने आक्रोश को कम नहीं होने दे रही है। राहुल गांधी पिछले दिनों युवाओं के बहाने इंदौर आए थे तो
हाल ही में दूसरी बार बालाघाट आए और सरकार पर वार करने में पीछे नहीं रहे। यानि भोपाल में बिप्लब और चन्द्रशेखर ने अपनी सरकार और संगठन की खैरखबर ली तो कांग्रेस पर निशाना साधा…तो बालाघाट में राहुल के तेवर दिखाई दिए…।

कौशल किशोर चतुर्वेदी

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।

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