रिटायर्ड IAS की हत्या के बाद केयरटेकर वरुण फरार, 2 किमी पैदल चलकर ऑटो से स्टेशन पहुंचा; दिल्ली की ट्रेन से भागा, 4 राज्यों में तलाश

भोपाल के रातीबड़ इलाके के सूरज नगर में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी केयर टेकर वरुण कुमार के भागने का पूरा रूट ट्रेस कर लिया है।

आरोपी वरुण की तलाश में पुलिस टीमें जुटी हुई हैं।

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी रात के अंधेरे में ही ट्रेन पकड़कर फरार हो गया। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और पंजाब में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की दर्जनभर टीमें तैनात की गई हैं।

वरुण का कैरेक्टर सर्टिफिकेट भी सामने आया है। इसे पंजाब के पटियाला एसपी कार्यालय से 1 मई 2025 को जारी किया गया।

रात 12:30 से 2 के बीच वारदात, घर में आग लगाने की भी कोशिश

 

पुलिस जांच के अनुसार, 30 सितंबर की रात रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल अपने कमरे में सो रहे थे। रात करीब 12:30 से 2:00 बजे के बीच आरोपी ने धारदार हथियार से उनका गला रेतकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने या घर को नुकसान पहुंचाने के इरादे से रसोई के गैस सिलेंडर का पाइप निकाल दिया और आग लगाने का प्रयास किया।

मृतक की पत्नी निशी अग्रवाल का कमरा बाहर से बंद था। सुबह करीब 4:40 बजे जब उनकी नींद खुली तो दरवाजा बाहर से लॉक मिला। घर के कर्मचारी अमर की मदद से दरवाजा खोला गया, तब जाकर घटना का खुलासा हुआ।

सूरज नगर स्थित इसी मकान में हत्या के बाद वरुण पैदल भदभदा पहुंचा था।

दो किमी पैदल चला, फिर ऑटो पकड़कर पहुंचा भोपाल रेलवे स्टेशन

CCTV और तकनीकी साक्ष्यों से आरोपी के भागने के जानकारी सामने आई है।

  • रात 2:40 बजे: आरोपी घर से बाहर निकला। घटना स्थल से 200 मीटर दूर लगे कैमरों में वह हाथ में एक पिट्ठू बैग और एक झोला लिए दिखाई दिया।
  • भदभदा से ऑटोरिक्शा: करीब 2 किलोमीटर पैदल चलने के बाद वह भदभदा चौराहा पहुंचा और वहां से एक ऑटोरिक्शा लिया।
  • भोपाल रेलवे स्टेशन: ऑटो पॉलीटेक्निक चौराहा और कमला पार्क होते हुए भोपाल रेलवे स्टेशन की ओर गया। स्टेशन से कुछ दूर पहले उतरकर वह पैदल भोपाल जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 से होकर प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर पहुंचा।
  • रात 3:30 बजे: वह दिल्ली लाइन की ट्रेन में सवार होकर निकल गया। पुलिस अब झांसी, ग्वालियर और आगरा रूट के स्टेशनों के CCTV फुटेज खंगाल रही है।

आरोपी करीब 2 किमी पैदल चला, इसके बाद वह ऑटोरिक्शा में बैठ गया।

प्लेसमेंट एजेंसी और पुलिस वेरिफिकेशन की जांच

जांच में सामने आया है कि आरोपी को ‘वर्मा होम हेल्थ केयर’ एजेंसी (बाग सेवनिया, विश्वकर्मा नगर) के जरिए नौकरी पर रखा गया था। पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि एजेंसी ने उसका अनिवार्य पुलिस वेरिफिकेशन करवाया था या नहीं। यदि नियमों की अनदेखी पाई गई तो एजेंसी संचालकों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

वहीं आरोपी का पंजाब के पटियाला एसपी कार्यालय से 1 मई 2025 को जारी एक चरित्र प्रमाण पत्र भी सामने आया है। पंजाब पुलिस से भी उसके पुराने बैकग्राउंड की जानकारी मांगी गई है।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *