फ़रिश्ते आसमाँ से ही नहीं उतरा करते, कुछ लोग ज़मीं पर भी कमाल करते हैं… कौशल किशोर चतुर्वेदी

फ़रिश्ते आसमाँ से ही नहीं उतरा करते,
कुछ लोग ज़मीं पर भी कमाल करते हैं…
पूरी दुनिया आज किसी नेकदिल, जांबाज, बहादुर, शूरवीर, रियल हीरो की बात कर रही है तो वह है कैप्टन स्मित मच्छार। भारत की शूरवीरता और वसुधैव कुटुंबकम की भावना को चरितार्थ करने वाले स्मित ने पूरी दुनिया में यह संदेश दिया है कि इंसानियत के लिए एक भारतीय अपने कर्तव्यों की पूर्ति और लोगों की जान बचाने के लिए सर्वस्व त्याग करने को हमेशा तैयार रहता है। एक फार्मा कंपनी ने स्मित को एक करोड़ रुपए की सम्मान राशि देने की घोषणा की है। वास्तव में देखा जाए तो हजारों करोड़ भी स्मित के सम्मान के लिए नाकाफी है। एयर इंडिया का विमान क्रैश होने पर एक यात्री के शोकाकुल परिजन ने बड़ी अच्छी बात कही थी कि कंपनी या सरकार एक करोड़ देकर किसी की जान की कीमत नहीं लगा सकती। भावावेश में उसने कहा था कि यदि पैसों की बात है तो वह तीन करोड़ रुपये देने को तैयार है लेकिन उसके परिजन को कोई जिंदा वापस लौटा दे। वास्तव में उस परिजन की बात सही ही थी। ऐसे में करीब पौने दो सौ यात्रियों की जिंदगी बचाने वाले स्मित के सम्मान के लिए एक करोड़ तो क्या हजारों करोड़ भी कम हैं।
फिल्म साजन बिना सोहागन का एक गीत है जिसके गीतकार अमित खन्ना हैं। यह गीत ऐसा लगता है कि मानो स्मिथ के लिए ही लिखा गया हो। गीत के बोल हैं-
मधुबन खुशबू देता है, सागर सावन देता है
जीना उसका जीना है, जो औरों को जीवन देता है
मधुबन …
सूरज न बन पाए तो, बनके दीपक जलता चल
फूल मिलें या अँगारे, सच की राहों पे चलता चल
प्यार दिलों को देता है, अश्कों को दामन देता है
जीना उसका जीना है, जो औरों को जीवन देता है
मधुबन …
चलती है लहराके पवन, के साँस सभी की चलती रहे
लोगों ने त्याग दिये जीवन, के प्रीत दिलों में पलती रहे
दिल वो दिल है जो औरों को, अपनी धड़कन देता है
जीना उसका जीना है, जो औरों को जीवन देता है मधुबन …
इस गीत का हर बोल कैप्टन स्मित के लिए लिखा मालूम होता है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 3 अक्टूबर 2026 की शाम को दुबई वाली फ्लाइट के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से वीडियो कॉल पर बात की। उन्होंने कैप्टन को इजरायल, भारत और पूरी दुनिया के लिए हीरो बताया और इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने का न्योता दिया। तो कैप्‍टन स्मित मच्‍छार आप हमारे असली हीरो… यह कहते हुए एक बड़ी फार्मा कंपनी का स्मिथ को एक करोड़ रुपए इनाम का ऐलान किया है। कंपनी ने कहा कि आप पर गर्व है। वास्तव में यही हकीकत है।
फ्लाई दुबई के पौने दो सौ यात्रियों की जान उस वक्‍त हलक में आ गई थी, जब विमान के चालक दल के एक सदस्‍य ने कैप्‍टन स्मित मच्‍छार पर जानलेवा हमला कर दिया था। कैप्‍टन स्मित ने अपनी जान की परवाह किए बगैर किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोला और आरोपी को-पायलट को काबू कर विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।
फ्लाईदुबई की फ्लाइट 174 यात्रियों के साथ इजरायल जा रही थी। विमान जब ऊंचे आसमान में था, तब को-पायलट ने कैप्‍टन मच्‍छार पर जानलेवा हमला कर दिया था। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी को-पायलट 9/11 की तर्ज पर विमान को इजरायल में क्रैश कराना चाहता था। लेकिन आरोपी के मंसूबे के बीच भारतीय पायलट और विमान के कैप्‍टन स्मित मच्‍छार आ गए। जानलेवा हमला होने के बाद भी उन्‍होंने हिम्‍मत नहीं हारी और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया था। इसके बाद विमान में सवार यात्रियों और क्रू-मेंबर के अन्‍य सदस्‍यों ने आरोपी को-पायलट को अपने कब्‍जे ले लिया था। फार्मा कंपनी मैनकाइंड ने कैप्‍टन स्मित मच्‍छार की बहादुरी को सलाम करते हुए एक करोड़ रुपये के इनाम का ऐलान किया है। कंपनी ने अपने बयान में कहा कि आप हमारे समय के असली हीरो हैं। कंपनी ने कहा, ‘आपने पूरी दुनिया के सामने जिस साहस, शौर्य और जिम्‍मेदारी का परिचय दिया है, उसे देखते हुए एक भारतीय के तौर पर हमें अत्‍यंत गर्व हो रहा है।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर बात कर उनके साहस और सूझबूझ की सराहना की थी। पीएम मोदी ने 2 अक्टूबर 2026 को उनसे बातचीत के दौरान बताया कि देशभर में उनकी लंबी उम्र और जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना हो रही है। उन पर पूरे देश को गर्व है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘पूरा देश आपके लिए प्रार्थना कर रहा है। महामृत्युंजय का जाप सब जगह चल रहा है। आपकी हिम्मत, धैर्य और सूझबूझ ने इतने लोगों की जान बचाई। आपने दिखाया कि भारतीय जान लेने वाले नहीं, जान बचाने वाले लोग हैं।’
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 3 अक्टूबर 2026 कि शाम दुबई वाली फ्लाइट के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार से वीडियो कॉल पर बात की। उन्होंने कैप्टन को इजरायल, भारत और पूरी दुनिया का हीरो बताया। साथ ही उन्हें इजराइल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने का न्योता दिया। तो मोदी ने कहा, “जल्द ठीक हो जाइए, ताकि हम मिल सकें, भगवान आप पर कृपा बनाए रखें, जय हिंद।“
कैप्टन स्मित मछार ने वास्तव में यह साबित कर दिया है कि उनके जैसा कोई दूसरा नहीं है। भारत का इतिहास अगर शूरवीरों से भरा पड़ा है तब भी स्मित ने जो काम किया है उसकी बराबरी पर कोई नजर नहीं आता। स्मित के लिए यह शेर सही ही है कि
फ़रिश्ते आसमाँ से ही नहीं उतरा करते,
कुछ लोग ज़मीं पर भी कमाल करते हैं…। ऐसा कमाल बहुत कम लोग ही कर पाते हैं।

कौशल किशोर चतुर्वेदी

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *