वाशिंगटन:भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक की संभावित एंट्री को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने भारत में लाइसेंस मंजूरी में देरी को लेकर सवाल उठाए हैं और दावा किया है कि उनकी कंपनी पिछले पांच वर्षों से भारतीय कानूनों और नियामकीय आवश्यकताओं का पालन कर रही है. इस बीच राहुल गांधी भी इस बहस में शामिल हो गए. राहुल की टिप्पणी पर मस्क ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह स्थिति ‘वाकई चिंताजनक’ है.

स्टारलिंक विवाद पर राहुल गांधी और एलन मस्क आमने-सामने
राहुल गांधी की टिप्पणी पर मस्क का जवाब
स्टारलिंक को भारत में कमर्शियल ऑपरेशन लाइसेंस नहीं मिलने को लेकर एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि स्टारलिंक दुनिया के 165 से अधिक देशों में लाइसेंस प्राप्त कर चुकी है और भारत में भी पिछले पांच वर्षों से सभी आवश्यक नियमों का पालन कर रही है.
राहुल गांधी की टिप्पणी के जवाब में एलन मस्क ने लिखा, “Thank you, Rahul. This is indeed troubling.” यानी “धन्यवाद राहुल, यह वास्तव में चिंताजनक है.”
क्या अंबानी ही भारत के असली बॉस : मस्क
इसके पहले मस्क ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा था कि ‘स्टारलिंक को 165 से अधिक देशों में लाइसेंस मिल चुका है और कंपनी ने भारत सरकार के हर कानून और हर नियामकीय आवश्यकता का पालन करते हुए पांच वर्ष बिताए हैं, फिर भी अब तक लाइसेंस क्यों नहीं मिला? क्या अंबानी ही भारत के असली बॉस हैं?’
सरकार ने आरोपों को किया खारिज
वहीं संचार मंत्रालय ने ऐसे आरोपों को पहले ही खारिज कर दिया है. सरकार का कहना है कि भारत का दूरसंचार नियामकीय ढांचा निष्पक्ष और गैर-भेदभावपूर्ण है तथा सभी कंपनियों के लिए समान नियम लागू होते हैं.सरकार का कहना है कि संबंधित सभी कंपनियां फिलहाल लगभग समान नियामकीय चरण में हैं और किसी एक कंपनी के साथ भेदभाव किए जाने का दावा निराधार है.
भारत में निवेश और तैयारियों का दावा
इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 के दौरान स्टारलिंक की बिजनेस ऑपरेशंस वाइस प्रेसिडेंट लॉरेन ड्रेयर ने कहा कि कंपनी भारत के लिए विशेष सुरक्षा नियंत्रण विकसित कर चुकी है और भारतीय बाजार में सेवाएं शुरू करने की तैयारी कर रही है.