
मोहन की यह वाणी सच साबित हो…कि बुंदेलखंड के साथ ही देश-प्रदेश की समृद्धि का बड़ा केंद्र बनेगा बीना…
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को सभी क्षेत्रों में विकास की दृष्टि से आगे बढ़ने के अवसर लगातार मिल रहे हैं। मध्यप्रदेश के सागर जिले में स्थित बीना शहर पेट्रोकेमिकल का नया केन्द्र बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री मोदी ने बीना रिफाइनरी में लगभग 50 हजार करोड़ रुपये की लागत से डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल यूनिट का भूमि-पूजन किया था। अब यहां हर साल 22 लाख टन से अधिक पेट्रोकेमिकल उत्पाद तैयार होंगे। यह बुंदेलखंड के साथ-साथ राज्य और देश की समृद्धि के लिए भी बड़ा केंद्र बनेगा। मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए सतत प्रयत्नशील मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का बीना के प्रति यह भरोसा उत्साह और आनंद से भरा नजर आता है। इस भरोसे का आधार यह भी है कि बीना सबकी उम्मीदों पर खरा उतरा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पेट्रोकेमिकल्स का क्षेत्र प्रदेश में व्यापार और व्यवसाय के विस्तार का बड़ा केन्द्र बन रहा है। राज्य सरकार ने निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश करने के साथ ही भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट- 2027 के लिए भी आमंत्रित किया है। उन्होंने बताया कि गेल इंडिया की बड़ी पाइपलाइन मध्यप्रदेश से होकर गुजर रही है और बीना रिफाइनरी में भी बड़े स्तर पर काम हो रहा है। आजादी के बाद पहली बार हम अपने राज्यों की क्षमताओं के अनुसार विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए रोडमैप तैयार कर आगे बढ़ रहे हैं। इसी दिशा में मध्यप्रदेश सरकार ने ठोस रणनीति बनाई है। पेट्रोकेमिकल्स सेक्टर को प्राथमिकता दी जा रही है। पेट्रोकेमिकल्स सेक्टर में निवेश से उद्योगों का विस्तार होगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। बीना रिफाइनरी से भी हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केम इंडिया-2026 के शुभारंभ सत्र में पेट्रोकेमिकल एवं रसायन क्षेत्र के उद्योगपतियों और विदेशी प्रतिनिधियों को मुंबई में संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि बीना मध्यप्रदेश के पेट्रोकेमिकल उद्योग का नया गढ़ बन रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सागर जिले के बीना में लगभग 50 हजार करोड़ रुपये की लागत से डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल यूनिट का भूमि-पूजन किया जा चुका है। यहां हर साल 22 लाख टन से अधिक पेट्रोकेमिकल उत्पाद तैयार होंगे। भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड की लगभग 49 हजार करोड़ रुपये की एथिलीन क्रैकर एवं रिफाइनरी विस्तार परियोजना भी मध्य भारत में पेट्रोकेमिकल आधारित उद्योगों के लिए अवसर उपलब्ध कराएगी। उन्होंने इंडियन ऑयल, रिलायंस और हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स जैसी कंपनियों से बीना के आसपास पॉलिमर प्रसंस्करण और वितरण की संभावनाएं तलाशने का आग्रह किया।
इस वर्ष इंडिया केम-2026 की थीम ‘एडवांटेज भारत – एन इमर्जिंग ग्लोबल केमिकल्स हब’ रखी गई है। तो उम्मीद यही है कि बीना
ग्लोबल केमिकल्स हब के रूप में अग्रणी स्थान हासिल करेगा। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कृतसंकल्पित डॉ. मोहन यादव की उम्मीदों का ‘बीना’ उनकी वाणी को सच करते हुए न केवल बुन्देलखण्ड, बल्कि देश और प्रदेश को
समृद्धि के शिखर तक पहुंचाने में कामयाब हो… वहीं औद्योगिक विकास के क्षेत्र में मध्यप्रदेश, मोहन के मुख्यमंत्रित्वकाल को स्वर्णिम अक्षरों में अंकित करने में सफल रहे।

कौशल किशोर चतुर्वेदी
कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।