स्थापना दिवस के पांच दिन पहले रावतपुरा सरकार के सान्निध्य में सम्पन्न हुआ मध्यप्रदेश की समृद्धि का महाअनुष्ठान… कौशल किशोर चतुर्वेदी

 

स्थापना दिवस के पांच दिन पहले रावतपुरा सरकार के सान्निध्य में सम्पन्न हुआ मध्यप्रदेश की समृद्धि का महाअनुष्ठान…
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के लाल परेड ग्राउंड ने वैसे तो बहुत सारे उत्सव और समृद्ध आयोजन देखे होंगे लेकिन पूरे मध्य प्रदेश की समृद्धि के लिए होने वाला अनुष्ठान पहली बार देखा होगा। संत श्री रावतपुरा सरकार के सान्निध्य में स्थापना दिवस के पांच दिन पहले 26 अक्टूबर 2026 को मध्यप्रदेश की समृद्धि का दिव्य,भव्य महाअनुष्ठान संपन्न हुआ। और अनुष्ठान के पीछे संत श्री रविशंकर महाराज का भाव यही था कि पूरे मध्य प्रदेश की समृद्धि का अनुष्ठान राजधानी भोपाल में संपन्न हो। 50 हजार लोग एक साथ बैठकर माँ राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुंकुमार्चन महाअनुष्ठान में अर्चन करें और मां राजराजेश्वरी प्रसन्न होकर मध्य प्रदेश के जन-जन को धन धान्य से परिपूर्ण करें। और अपने इसी भाव को
संत श्री रविशंकर महाराज ने इस महाअनुष्ठान के रूप में पूर्ण किया।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल शरद पूर्णिमा के दिन इसलिए धन्य हुई क्योंकि भारत का सबसे बडा अर्चन महाअनुष्ठान निर्विघ्न संपन्न हो गया। हज़ारों श्रद्धालु शामिल हुए और रावतपुरा सरकार के सान्निध्य में उपमुख्यमंत्री, मंत्री, विधायकों, गणमान्य नागरिकों सहित भक्तों ने कुंकुमार्चन कर लक्ष्मी को प्रसन्न किया।
शरद पूर्णिमा पर चन्द्रमा के मध्य माँ राजराजेश्वरी का दर्शन, शीतल किरणों से अमृत वर्षा, गुरुदेव श्री रावतपुरा सरकार का सानिध्य, 1100 आचार्यों के वैदिक मंत्रों की अनुगूंज और हजारों भक्तों की आस्था ने भोपाल की पावन धरा को धन्य कर दिया। हर एक कलश, हर एक दीपक, हर एक पुष्प, हर एक कण की अभिलाषा और प्रतीक्षा पूर्ण हुई क्योंकि जिस अनुष्ठान का दर्शन करने के लिए स्वयं देवता भी लालायित रहते हैं, माँ राजराजेश्वरी के उस कोटि हरिद्रा कुंकुमार्चन में वे सहभागी बने थे।
ब्रह्माण्ड पुराण के ललितोपाख्यान में संकलित माँ राजराजेश्वरी की एक सहस्त्र नामों की ध्वनि ने सम्पूर्ण वातावरण को ऊर्जा के केंद्र में बदल दिया। भगवान शिव द्वारा प्रदत्त यह ब्रह्मविद्या स्वशक्ति के जागरण का विधान है आत्मशक्ति की चेतना का विधान है कुंडलिनी के समस्त चक्रों के जागरण का विधान है। जहां साधक “स्वयंसिद्ध” हो जाता है। इस विराट आयोजन का सुंदर दृश्य तब देखने को मिला जब महाराज श्री के कार्यक्रम स्थल आगमन पर बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से आए हुए 51 पंडितों ने ढोल-नगाड़े, डमरू, शंख, झालर ध्वनि के साथ महाराज श्री का स्वागत किया एवं विशेष आतिशबाजी की झलक देखने को मिली। इस दौरान हजारों आकाश दीप प्रज्वलित कर छोड़े गए।
हजारों कलश, हजारों दीपक, कई क्विंटल हल्दी, कुमकुम, पुष्प, फल, रुद्राक्ष के साथ सैकड़ों प्रकार की सामग्री से माँ का अर्चन किया गया। मंच पर विराजमान संत शिरोमणि श्री रावतपुरा सरकार के सान्निध्य में मंत्री, विधायक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, भक्त एवं देश के अलग-अलग हिस्सों से भोपाल आए श्रद्धालुओं ने पूरे विधि-विधान से माँ का अर्चन पूर्ण कर देश-प्रदेश, समाज, परिवार एवं स्वयं के कल्याण के लिए माँ से प्रार्थना की।

माँ के एक करोड़ अर्चन के विराट आयोजन का दृश्य अप्रतिम था, विशाल मंच के साथ, भव्य प्रवेश द्वार, लाइट टावर की रौशनी से जगमगाता हुआ लाल परेड ग्राउंड का परिसर इस महानुष्ठान की ओजमयी आभा को राजधानी के ललाट पर प्रदर्शित कर रहा था। वाहनों की लम्बी कतारें, परिसर में आते हुए लोगों की संख्या बता रही थी कि यह राजा भोज की नगरी का ऐतिहासिक क्षण है जिसका दर्शन पुनः न जाने कितने समय बाद होगा। अपार जनसमूह के एकत्र होने के बावजूद व्यवस्थाएं एकदम चकचौबंद रहीं। मैदान के अंदर श्री रावतपुरा सरकार लोक कल्याण ट्रस्ट के भक्तों एवं स्वयंसेवियों ने हर एक चौकी पर विराजमान प्रत्येक भक्त के अर्चन के संकल्प को विधि-विधान से पूर्ण कराया तो सड़क-चौराहों से लेकर गलियों तक प्रशासन की मुस्तैदी ने भी अपने पुरुषार्थ और इच्छाशक्ति की आहुति इस अर्चन में देकर सहभागिता की।

सायं 7 बजे प्रारम्भ हुआ यह दिव्य अनुष्ठान माँ के एक सहस्त्र नाम से एक करोड़ अर्चन के पश्चात माँ की मंगल आरती के साथ पूर्ण हुआ। माँ राजराजेश्वरी, माँ श्रीविद्या की साधना गुप्त एवं अत्यंत गूढ़ है लेकिन पूज्य महाराज श्री रावतपुरा सरकार के लोक कल्याण के संकल्प ने इसे अपने विराट रुप में अभिव्यक्त किया जिसे राजा भोज की नगरी चिरकाल तक अपनी स्मृति में सहेज कर रखेगी।
कुल मिलाकर यह दिव्य और भव्य अनुभव यहाँ शामिल हुए हर एक श्रद्धालु के लिए ‘भूतो ना भविष्यति’ की तरह था। इसमें कोई संशय नहीं है कि देश का यह सबसे बड़ा अर्चन अनुष्ठान मध्यप्रदेश की समृद्धि का एक नया युग शुरू करेगा और संत श्री रावतपुरा सरकार का यह संकल्प पूरा होगा…आने वाले समय में हम सभी इसके साक्षी बनेंगे।

कौशल किशोर चतुर्वेदी

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।

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