एक्टर और सिंगर दिलजीत दोसांझ ने शुक्रवार को अपने दिल्ली कॉन्सर्ट में बिना नाम लिए ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को आड़े हाथों लिया. उन्होंने अपनी हालिया फिल्म सतलुज की अभिजीत दीपके द्वारा आलोचना का जिक्र करते हुए कहा कि उनको किसी से ये सीखने की जरूरत नहीं है कि लड़ाई कैसे लड़ी जाती है. दिलजीत ने कहा कि उनकी फिल्म सतलुज का मंच पर मजाक उड़ाया गया.

दिलजीत दोसांझ ने कॉन्सर्ट में सीजेपी को लिया आड़े हाथों
उन्होंने सीजेपी का नाम लिए बिना कहा, ‘मैं एक कलाकार हूं और आप सब से प्यार करता हूं.भाई, मैं चुप हूं तो मुझे चुप ही रहने दो. मैं आप सब का समर्थन करता हूं, लेकिन पंजाबियों को यह मत सिखाओ कि कैसे लड़ा जाता है.’ अभिजीत दीपके ने इस मामले पर पोस्ट लिखकर जवाब दिया है कि गबरू तो वैरी (दुश्मन) नू वी मिट्ठा बोलदा है… मिट्टी पाओ… उन्होंने ये भी बताया कि वह शिकागो में दिलजीत के कॉन्सर्ट में भी गए थे और कलाकार के तौर पर उनका सम्मान करते हैं

दिलजीत ने दिल्ली कॉन्सर्ट में CJP को सुनाया
सिंगर ने फिल्म’सतलुज’ के खिलाफ किए गए कमेंट पर कहा कि आप जसवंत सिंह खालरा पर बनी जिस फिल्म का मंच पर मजाक उड़ा रहे हैं, हमने उस फिल्म के लिए लंबे समय तक लड़ाई लड़ी है. मैं सब से प्यार करता हूं. लेकिन अगर कोई हमसे नफरत करता है, तो कोई बात नहीं.
दिलजीत ने किया ‘मैं एक कालाकार हूं’ वाले बयान का जिक्र
बता दें कि दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में शुक्रवार रात दिलजीत दोसांझ का कॉन्सर्ट था. उन्होंने अपने ‘ऑरा इंडिया टूर 2026’ के पहले दिन परफॉर्म किया. इसी दौरान भीड़ के सामने उन्होंने कुछ महीने पहले दिए अपने उस बयान पर बात की, जिसमें सिंगर ने कहा था कि मुझे इन सब से दूर रखो, मैं बस एक कलाकार हूं. दरअसल एक फैन ने उनसे नीट पेपर लीक विवाद पर हो रहे विरोध-प्रदर्शनों पर उनकी राय पूछी थी. तब उन्होंने कहा था कि वह सिर्फ एक कलाकार हैं.
दिलजीत पर लगा था दोहरा रवैया’ अपनाने का आरोप
उनके इस बयान की कुछ लोगों ने बहुत आलोचना भी की थी. कुछ लोगों ने उन पर ‘दोहरा रवैया’ अपनाने का आरोप लगाया था. लोगों का कहना था कि एक तरफ वह ‘सतलुज’ जैसी राजनीतिक रूप से संवेदनशील फिल्मों का हिस्से रहे, दूसरी तरफ छात्रों के विरोध-प्रदर्शन का समर्थन नहीं किया.
अभिजीत दीपके ने क्या कहा था?
अभिजीत दीपके ने सीजेपी प्रोटेस्ट के दौरान मंच से कहा था,’आना पड़ता है ब्रो… नहीं तो आपकी फिल्में बैन हो जाती हैं.’ उन्होंने इसे दिलजीत की फिल्म सतलुज विवाद से जोड़ा था.दीपके के मुताबिक, जब किसी कलाकार के काम या समाज से जुड़े मुद्दों पर विरोध होता है तो उसके लिए अपना सार्वजनिक समर्थन या रुख स्पष्ट करना जरूरी होता है
क्या था फिल्म सतलुज विवाद?
बता दें कि दिलजीत की फिल्म ‘सतलुज’ मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन और कामों पर बनी थी. यह फिल्म पहले पंजाब-95 नाम से बनाई गई थी. कई सालों तक सेंसर से पास नहीं होने की वजह से यह पचड़े में फंसी रही. 3 जुलाई को फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म G-5 पर रिलीज हुई. लेकिन दो दिन में इसे हटाना पड़ा. इस फिल्म को लोगों की काफी तारीफ मिली थी.