भारतीय गाय का मूत्र पीते और चाटते हैं’ टिप्पणी पर बवाल, इजरायली रब्बी योसी मिजराही ने हिंदुओं की आस्था और भारतीय डॉक्टरों का उड़ाया मजाक; भारत-इजरायल में आक्रोश, फिलिस्तीनी राजदूत ने भी जताई नाराजगी

तेलअवीव। हिंदुओं की धार्मिक मान्यताओं (Religious beliefs of Hindus) और गाय (Cow) की पूजा की परंपरा को लेकर अपमानजनक टिप्पणी (Offensive remark) करने वाले इजरायली-अमेरिकी रब्बी योसी मिजराही (Israeli-American Rabbi Yossi Mizrahi) विवादों में घिर गए हैं। सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो वायरल होने के बाद भारत और इजरायल में नाराजगी जताई जा रही है।

वीडियो में मिजराही ने हिंदुओं की धार्मिक परंपराओं का मजाक उड़ाने के साथ भारतीय डॉक्टरों को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं। कई लोगों ने उनके बयान को नस्लवादी और धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताया है।

मिजराही ने दावा किया कि भारत में कुछ लोग गाय का मूत्र पीते हैं और यहां तक कि कुछ डॉक्टर भी ऐसा करते हैं। उन्होंने नई दिल्ली की सड़कों पर गायों के बैठे रहने और उनके कारण यातायात प्रभावित होने का भी मजाक उड़ाया। उनकी टिप्पणियों को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

वायरल वीडियो में मिजराही एक भारतीय व्यक्ति का जिक्र करते दिखाई देते हैं। उन्होंने दावा किया कि यह व्यक्ति पहले उनके फेसबुक पेज के लिए काम करता था और यहूदी धर्म अपनाना चाहता था। इसी संदर्भ में उन्होंने उस व्यक्ति के परिवार और भारत में गाय की पूजा की परंपरा पर टिप्पणी की

मिजराही ने दावा किया कि कुछ हिंदू गाय को घर के अंदर लाते हैं और उसके फर्श पर मूत्र करने के बाद उसे चाटते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में लोग फार्मेसी से गाय का मूत्र खरीदते हैं।

 

भारतीय डॉक्टरों को निशाना बनाते हुए उन्होंने कहा कि नई दिल्ली के किसी अस्पताल में मरीज को देखने वाला डॉक्टर भी संभव है कि पिछली रात गाय का मूत्र पीकर आया हो। उन्होंने सड़कों पर बैठी गायों का उदाहरण देते हुए कहा कि लोग उन्हें हटाने की हिम्मत नहीं करते, जिससे यातायात बाधित होता है। वीडियो के अंत में उन्होंने हिंदुओं पर तंज कसते हुए कहा कि वह ईश्वर का शुक्रिया अदा करते हैं कि उन्हें भारतीयों जैसा नहीं बनाया गया।

इजरायली लेखक ने भी लगाई फटकार

मिजराही की टिप्पणियों पर इजरायल के शोधकर्ता और लेखक येशाया रोसेनमैन ने कड़ी नाराजगी जताई है। भारत में रहने और अध्ययन करने वाले रोसेनमैन ने कहा कि इस तरह की टिप्पणियों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इजरायल की छवि को नुकसान पहुंच रहा है।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि इजरायल की प्रतिष्ठा को पहुंचाया जा रहा नुकसान चौंकाने वाला है। रोसेनमैन ने उम्मीद जताई कि भविष्य में मिजराही के इजरायल में प्रवेश पर भी रोक लगाई जाएगी, जैसा कि पहले ब्रिटेन में उनके प्रवेश को लेकर विवाद हुआ था।

एक अन्य यूजर रोमन बिस्ता ने भी उनकी टिप्पणी पर नाराजगी जताई। उन्होंने लिखा, ‘कुत्ते भौंकते रहते हैं, जबकि हाथी चलता रहता है।’ साथ ही मिजराही को शर्म करने की नसीहत दी।

फिलिस्तीन के राजदूत ने भी जताई नाराजगी

भारत में फिलिस्तीन के राजदूत अब्दुल्ला एम. अबू शावेश ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी। हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर मिजराही का नाम नहीं लिया, लेकिन एक्स पर लिखा कि नस्लवाद पूरी मानवता के लिए खतरा है।

उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म या आस्था के लोगों के खिलाफ नफरत फैलाना, उनकी धार्मिक मान्यताओं का मजाक उड़ाना और परंपराओं का अपमान करना असहिष्णुता को बढ़ावा देने के साथ साझा मानवता की बुनियाद को भी खतरे में डालता है। नस्लवादी लोग पूरी मानवता के लिए खतरा हैं।

कौन हैं योसी मिजराही, पहले भी रहे हैं विवादों में

इजरायल में जन्मे योसी मिजराही अमेरिका में रहने वाले ऑर्थोडॉक्स यहूदी धर्म प्रचारक हैं। वह ‘डिवाइन इंफॉर्मेशन’ नाम से एक ऑनलाइन धार्मिक मंच भी चलाते हैं। इससे पहले भी वह कई विवादित बयानों के कारण आलोचनाओं का सामना कर चुके हैं।

होलोकॉस्ट पर विवादित दावा: दिसंबर 2015 में मिजराही ने दावा किया था कि होलोकॉस्ट में 10 लाख से भी कम यहूदी मारे गए थे, जबकि ऐतिहासिक रूप से यह संख्या करीब 60 लाख मानी जाती है। होलोकॉस्ट इतिहासकार एफ्राइम जुरॉफ ने उनके दावे को खारिज किया था। इसके बाद मिजराही ने माफी मांगी थी।

ऑटिज्म और डाउन सिंड्रोम पर टिप्पणी: उन्होंने दावा किया था कि ऑटिज्म और डाउन सिंड्रोम पिछले जन्मों में किए गए पापों की सजा हैं। दिसंबर 2016 में 16 ऑर्थोडॉक्स यहूदी रब्बियों ने उनके प्रचार के तरीकों की निंदा करते हुए उनके बयानों को भ्रामक और खतरनाक बताया था।

ब्रिटेन में प्रवेश को लेकर विवाद: मार्च 2019 में लंदन और मैनचेस्टर में उनकी प्रस्तावित धार्मिक सभाओं को लेकर विवाद हुआ था। ब्रिटिश अधिकारियों ने उनके दौरे को रोकने के लिए हस्तक्षेप किया था। हालांकि, मिजराही ने बाद में एक अखबार को बताया था कि उन्होंने खुद ही अपनी उड़ान में सवार नहीं होने का फैसला किया था। उन्हें आशंका थी कि एयरपोर्ट पर उनसे पूछताछ हो सकती है या प्रवेश से रोका जा सकता है। ब्रिटेन के गृह मंत्रालय ने किसी व्यक्तिगत प्रवेश प्रतिबंध की सार्वजनिक पुष्टि नहीं की थी।

मिजराही इससे पहले फ्रांस में मुसलमानों को लेकर भी भड़काऊ टिप्पणियां कर चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने ब्रिटेन के मुख्य रब्बी एफ्राइम मिर्विस पर भी निशाना साधा था। हिंदुओं को लेकर की गई ताजा टिप्पणियों ने एक बार फिर उन्हें विवादों के केंद्र में ला दिया है।

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