इंदौर में OPERATION MATRIX के तहत बड़ी कार्रवाई: क्रिप्टो में नुकसान के बाद कर्ज में डूबा आरोपी टेलीग्राम के जरिए साइबर ठगों से जुड़ा, 5-10% कमीशन पर देता था बैंक खाते; 3 खातों से 8 राज्यों में 45 शिकायतें उजागर

इंदौर। इंदौर क्राइम ब्रांच ने साइबर ठगी के लिए म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी सचिन विश्वकर्मा पहले क्रिप्टोकरेंसी में काम करता था, लेकिन इसमें नुकसान होने के बाद वह कर्ज में डूब गया। कर्ज से उबरने के लिए उसने टेलीग्राम के जरिए साइबर ठगों से संपर्क किया और फिर ठगी के नेटवर्क का हिस्सा बन गया।

आरोपी अपने बैंक खातों को 5 से 10 प्रतिशत कमीशन पर साइबर ठगों को उपलब्ध कराता था। उसके तीन बैंक खातों के जरिए अलग-अलग राज्यों में साइबर ठगी की 45 शिकायतें सामने आई हैं। इन खातों से करोड़ों रुपये के लेन-देन की आशंका है

इंदौर में साइबर ठगी के अंतरराज्यीय नेटवर्क के खिलाफ क्राइम ब्रांच ने OPERATION MATRIX के तहत कार्रवाई करते हुए सचिन विश्वकर्मा नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी पहले क्रिप्टोकरेंसी के कारोबार से जुड़ा था, लेकिन क्रिप्टो में नुकसान होने के बाद उस पर कर्ज हो गया। आर्थिक तंगी और कर्ज से उबरने के लिए आरोपी ने टेलीग्राम के जरिए साइबर फ्रॉड करने वाले लोगों से संपर्क किया। इसके बाद उसने अपने बैंक खातों को साइबर ठगी के नेटवर्क में इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराना शुरू कर दिया। आरोपी IDBI बैंक, बैंक ऑफ इंडिया और स्टेट बैंक ऑफ मॉरीशस में अपने नाम से तीन बैंक खाते संचालित कर रहा था।

पुलिस जांच के मुताबिक आरोपी इन खातों को साइबर ठगों को 5 से 10 प्रतिशत कमीशन पर उपलब्ध कराता था। यानी साइबर ठगी की रकम इन खातों में प्राप्त होती थी और खातों के इस्तेमाल के बदले आरोपी को कमीशन मिलता था। साइबर क्राइम पोर्टल पर इन तीनों खातों के खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों से 45 शिकायतें सामने आने की जानकारी मिली है। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड सहित कई राज्यों में दर्ज साइबर अपराधों से इन खातों का संबंध सामने आया है। इन खातों के जरिए करोड़ों रुपये के ट्रांजेक्शन की आशंका है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि ठगी की रकम किन खातों में ट्रांसफर की जाती थी, टेलीग्राम पर आरोपी के संपर्क में कौन-कौन लोग थे और इस पूरे नेटवर्क में अन्य कितने लोग शामिल हैं। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया है। क्राइम ब्रांच अब इस नेटवर्क के दूसरे सदस्यों और वित्तीय लेन-देन की कड़ियां खंगाल रही है

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