
दुनिया के कई देशों में एस्ट्राजेनेका की कोरोना वैक्सीन को लेकर सवाल उठ रहे हैं. एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन लेने के बाद ब्लड क्लॉट (Blood Clot) के मामले सामने आ रहे हैं. इसके बाद डेनमार्क, इटली और नॉर्वे समेत 6 देशों ने एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन के प्रयोग पर फिलहाल रोक लगा दी गई है. इसके साथ ही इस वैक्सीन के साइड इफेक्ट की जांच की जा रही है.
यूरोपीयन मेडिसिन एजेंसी ने फिर से इस बात को दोहराया है कि फिलहाल इस बात के कोई संकेत नहीं मिले हैं कि एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन से ही मरीजों की हालत खराब या खून के थक्के जमने की शिकायत आ रही हो.
ऑस्ट्रिया में 49 साल की नर्स की हो गई थी मौत
सोमवार को ऑस्ट्रिया ने 49 साल की नर्स की मौत के बात एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन का प्रयोग रोक दिया था. मौत के बाद पता चला था कि वैक्सीन लेने के कुछ दिन बाद नर्स की मौत खून के थक्के जमने के कारण हुई थी. हालांकि डेनमार्क हेल्थ अथॉरिटी ने कहा है कि, अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है लेकिन वैक्सीन और ब्लड क्लॉटिंग को लेकर जांच की जा रही है.
6 देशों ने यूज पर लगाई रोक
बता दें कि इससे पहले डेनमार्क, इटली और नॉर्वे सहित अन्य यूरोपीय देश एस्टोनिया, लातविया, लिथुआनिया और लक्जमबर्ग ने भी कोरोना वैक्सीन के प्रयोग को रोक दिया था. 17 यूरोपीय देशों को 10 से अधिक वैक्सीन डोज भेजी गई थीं।.डेनमार्क हेल्थ अथॉरिटी के डायरेक्टर सोरेन ब्रोसट्रॉम ने एक बयान में कहा कि यह बताना महत्वपूर्ण है कि हमने एस्ट्राजेनेका का यूज से इनकार नहीं किया है लेकिन अभी इसे सिर्फ रोका गया है. डेनमार्क में कोरोना वैक्सीन लेने के बाद एक व्यक्ति की मौत हो गई थी.
ब्रिटेन ने किया है बचाव, वैक्सीन को बताया सुरक्षित और प्रभावी
इस बीच ब्रिटेन की सरकार ने एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन का बचाव किया है. वहीं, डेनमार्क की तरफ से वैक्सीन के यूज पर रोक के बाद ब्रिटेन ने कहा कि वह अपने यहां इसका प्रयोग जारी रखेगा. पीएम बोरिस जॉनसन के प्रवक्ता ने कहा कि हम यह साफ करना चाहते है कि इस वैक्सीन का प्रयोग पूरी तरह से सुरक्षित और प्रभावी है. उन्होंने लोगों से इस वैक्सीन को लगवाने के लिए आगे आने की अपील भी की है.