
कोरोना वायरस जब देश में अपने पैर पसार रहा था तो इसे बस कुछ पल की मुश्किल ही समझा गया था। उस वक्त कोई भी नहीं जान पाया कि इस वायरस के चलते लोग जिंदगी, करियर, रोजगार सब कुछ खो देंगे। साल 2020 में मार्च के बाद से देश में कोरोना को तेजी से बढ़ते देखा गया जिसके बाद लॉकडाउन की घोषणा हो गई थी। इस महामारी का असर बॉलीवुड की फीमेल कैमरापर्सन सुचिष्मिता रोत्रेय पर भी पड़ा जिन्होंने कभी बॉलीवुड के दिग्गज कलाकारों के साथ काम किया था।
अमिताभ बच्चन हो या रणबीर कपूर, सुशांत सिंह राजपूत हो या अभिषेक बच्चन। सुचिस्मिता ने कई दिग्गज सिलेब्रिटीज के साथ काम किया है। लेकिन जिंदगी ने ऐसी करवट ली कि उन्होंने मुंबई से वापस अपने घर कटक लौटना पड़ा। घर जाने के लिए पैसे भी नहीं थे। तब सलमान खान और अमिताभ बच्चन ने जूनियर आर्टिस्ट्स की मदद की तो सुचिस्मिता को भी कुछ पैसे मिल गए। वह घर लौट आईं, अपनी मां के पास। अब वह जीवन का गुजारा करने के लिए हर शाम कटक की सड़क पर मोमोज बेचती हैं।
हर दिन कमा लेती हैं 300-400 रुपये:-Suchismita आंखों में बड़े-बड़े सपने लेकर ओडिशा से मुंबई गई थीं। लेकिन यह दुर्भाग्य ही है कि कैमरे के पीछे से चकाचौंध भरी दुनिया देखने वाली यह लड़की हर दिन 300-400 रुपये कमाने के लिए भी मशक्कत करती है।
परिवार में सिर्फ मां है, 2015 में गई थीं मुंबई:-Suchismita के घर पर उनके साथ मां के अलावा और कोई नहीं है। कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद सुचिस्मिता ओडिया साइन इंडस्ट्री में काम करने लगी थीं, फिर 2015 में वह सपनों के शहर मुंबई आ गईं। बॉलिवुड में पहचान बढ़ी तो धीरे-धीरे काम मिलना भी शुरू हो गया। वह असिस्टेंट कैमरा पर्सन बन गईं। 6 साल खूब मेहनत की। नाम कमाया, लेकिन फिर कोरोना ने सब किये कराए पर पानी फेर दिया।
पिता का हो गया है निधन:-Suchismita के पिता का निधन हो चुका है। ऐसे में घर पर उनके अलावा कोई और कमाने वाला नहीं है। मां बूढ़ी हैं, इसलिए घर पर रहती हैं। सुचिस्मिता दिन भर तैयारी करती हैं और शाम को मोमोज का डब्बा लेकर चल पड़ती हैं। घर लौटती हैं तो हर दिन 300-400 रुपये की बचत हो जाती है।