
देशभर में कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से हालात बेकाबू हो चुके हैं। स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े होने लगे हैं। कई राज्यों से मरीजों को अस्पताल में बेड्स की कमी की खबरें भी सामने आ रही हैं। इस बीच, मध्य प्रदेश में कुछ ऐसी घटना सामने आई है, जिसके बाद राज्य सरकार के कोरोना को लेकर किए गए दावों पर सवाल खड़े होने लगे हैं। मध्य प्रदेश के सांची के एक अस्पताल में माली को कोरोना के सैंपल्स लेने का काम सौंपा गया है। सांची के इस सरकारी अस्पताल में माली ही कोरोना की जांच करवाने आए लोगों के सैंपल्स इकट्ठे कर रहा है।
सैंपल एकत्रित करने वाले माली हल्के राम, अस्पताल के स्थायी कर्मचारी भी नहीं हैं. जब उनसे सवाल किया गया कि आप यह सैंपल क्यों ले रहे हैं तो उन्होंने बताया कि अस्पताल के ज्यादातर कर्मचारी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं, मैं अस्पताल का माली हूं और पर्मानेंट भी नहीं हूं. वहीं अस्पताल के BMO इनचार्ज राजश्री तिड़के ने इसका बचाव करते हुए कहा कि माली को सैंपल लेने की ट्रेनिंग दी गई है. उन्होंने कहा कि हम क्या कर सकते हैं. अस्पताल का ज्यादातर स्टाफ इस खतरनाक वायरस के संक्रमण की चपेट में है. आपातकाल स्थितियों के लिए हमें दूसरे स्टाफ को ट्रेनिंग देनी पड़ी, जिसमें माली भी शामिल है.
वहीं इस मामले पर राजनीतिक बयानबाजी का दौर भी शुरू हो गया है. कांग्रेस नेता सयैद जफर ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि मैं किसी ऐसे शख्स की तलाश कर रहा हूं जो मुझे बता सके कि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने पिछले 8 दिनों में किसी भी मेडिकल कॉलेज का दौरा किया हो या फिर समीक्षा बैठक की हो. अगर कोई बता सकता है तो मैं उसे 11 हजार एक रुपये का इनाम दूंगा. बता दें कि सोमवार को मध्य प्रदेश में अब तक के सर्वाधिक 6,489 नए मामले सामने आए हैं. राज्य में अब तक 3,01,762 मरीज स्वस्थ हो गये हैं और 38,651 मरीजों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है.