
इंडियन प्रीमियर लीग में राजस्थान रॉयल्स एक अच्छी टीम होने के बावजूद संघर्ष कर रहा है. उसका टॉप ऑर्डर नहीं चल पा रहा है, तो कप्तान संजू सैमसन के प्रदर्शन में नियमितता नदारद रही है. संजू सैमसन ने पंजाब के खिलाफ शतक लगाकर शानदार शुरुआत की थी, लेकिन अगले तीन मैचों में वह फ्लॉप रहे. इन मैचों में संजू ने 4, 1 और 21 रन की पारी खेली. वास्तव में, यह ऐसा प्रदर्शन रहा, जिसकी उम्मीद न राजस्थान का मैनेजमेंट ही शतक के बाद कर रहा था और न ही संजू के समर्थक. प्रदर्शन में गिरावट के बाद उनके रवैये को लेकर पूर्व क्रिकेटरों ने सैमसन पर निशाना साधा है. पहले पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर संजू के कम स्कोर से खुश नहीं थे, तो अब पूर्व ओपनर गौतम गंभीर ने संजू को लेकर धैर्य खो दिया है.
दरअसल, संजू सैमसन की अगुआई में राजस्थान रॉयल्स को चार मैचों में से तीन में हार का सामना करना पड़ा है. तीन मैचों में संजू सैमसन का बल्ला खामोश ही रहा है. ऐसे में गौतम गंभीर ने कहा है कि संजू सैमसन के साथ उनकी बल्लेबाजी में ये समस्या बनी हुई है. संजू हमेशा शुरुआत तो बहुत अच्छी करते हैं लेकिन फिर रनों का सूखा पड़ जाता है. ईएसपीएनक्रिकइंफो के साथ बातचीत में गंभीर ने कहा, रोहित शर्मा, विराट कोहली और एबी डिविलियर्स जैसे बल्लेबाज बड़ा स्कोर करने के बाद भी निरंतर उपयोगी योगदान देते हैं, लेकिन संजू के साथ ऐसा नहीं है.
नथिंग और एवरिथिंग:-गौतम गंभीर ने कहा, अगर आप पिछले कई आईपीएल देखोगे तो पता चलेगा कि संजू सैमसन टूर्नामेंट की की शुरुआत अच्छी करते हैं, लेकिन उनके मामले में या तो सबकुछ होता है या कुछ नहीं. ऐसे में आपके प्रदर्शन का ग्राफ अनियमित ही रहता है. जबकि एक अच्छे खिलाड़ी का ग्राफ हमेशा संतुलन में रहता है. अगर आप रोहित शर्मा, विराट कोहली और एबी डिविलियर्स का देखें तो पाएंगे कि वो 80 या उससे ज्यादा रन बनाने के बाद भी कभी 0 या 1 या 10 रन नहीं बनाते बल्कि अगली कुछ पारियों में भी 30-40 रन का योगदान देते ही हैं.
आईपीएल 2020 में भी ऐसा ही था हाल:-लेकिन अगर आप संजू सैमसन को देखेंगे तो पता चलेगा कि वो या तो 80-90 रन बनाते हैं या फिर कुछ नहीं. अगर प्रदर्शन में इतनी अनियमितता रहती है तो इसका सीधा सा मतलब खिलाड़ी की सोच से होता है. संजू सैमसन ने आईपीएल के संयुक्त अरब अमीरात में खेले गए पिछले सीजन में भी दो बार 80 से ज्यादा रन बनाए थे, लेकिन इसके बावजूद वो टूर्नामेंट में कुल 375 रन ही बना सके थे.