कोवैक्सीन को लेकर अमेरिकी एक्सपर्ट ने किया ये दावा

अमेरिका से वैक्सीन  को लेकर अच्छी खबर आई है. अमेरिका के शीर्ष महामारी विशेषज्ञ डॉक्टर एंथॉनी फॉसी  ने कहा है कि स्वदेशी वैक्सीन कोवैक्सीन  कोरोना वायरस 617 वैरिएंट्स को बेअसर करने में कारगर है. डॉक्टर फॉसी ने यह जानकारी मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी. वे व्हाइट हाउस के प्रमुख मेडिकल एडवाइजर भी हैं. डॉ फाउसी ने कहा कि इसको लेकर प्रतिदिन के आधार पर और अधिक डेटा ले रहे हैं. कोवैक्सीन को भारत बायोटेक ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी  और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च  के साथ मिलकर विकसित किया है. भारत बायोटेक के मुताबिक, वैक्सीन कोविड-19 के खिलाफ 78 फीसदी प्रभावी है.

डॉ एंथनी फाउसी ने कहा कि भारत में जिस तरीके का संकट दिख रहा है, उसके खिलाफ वैक्सीनेशन एक महत्वपूर्ण हथियार हो सकता है. उन्होंने कहा, “नए डेटा में, कोविड-19 के मामलों से ठीक हुए लोगों और भारत में जिन्होंने कोवैक्सीन की डोज ली है उसको लेकर विश्लेषण किया गया. उन्होंने कहा, “यह पाया गया है कि कोवैक्सीन 617 वेरिएंट के खिलाफ कारगर है.” भारत सरकार ने 3 जनवरी को कोवैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी दी थी.

हाल ही में ICMR ने भी कहा था कि ‘कोवैक्सीन’ कोरोना वायरस के कई वेरिएंट के खिलाफ कारगर है. आईसीएमआर ने एक ट्वीट में बताया था, “ICMR का अध्ययन दिखाता है कि कोवैक्सीन SARS-CoV-2 के विभिन्न वेरिएंट को निष्प्रभावी करता है और डबल म्यूटेंट वेरिएंट के खिलाफ भी प्रभावी रूप से काम करता है.”

आईसीएमआर की नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी ने कोरोना वायरस के अलग-अलग वेरिएंट, B.1.1.7 (यूके वेरिएंट), B.1.1.28 (ब्राजील वेरिएंट) और B.1.351 (साउथ अफ्रीका वेरिएंट) को सफलतापूर्वक अलग किया और संवर्धित किया. ICMR ने कहा था कि इन वेरिएंट्स को कोवैक्सीन ने बेअसर करने की क्षमता दिखाई. इसके अलावा भारत में कई जगहों पर मिले डबल म्यूटेंट वेरिएंट (B.1.617) को भी निष्प्रभावी करने में कामयाब रहा.

78 फीसदी प्रभावी है कोवैक्सीन- भारत बायोटेक:-भारत बायोटेक ने पिछले बुधवार को तीसरे फेज के ट्रायल के अंतरिम विश्लेषण की घोषणा करते हुए कहा था कि वैक्सीन की कुल अंतरिम क्लिनिकल प्रभाव क्षमता 78 प्रतिशत रही और गंभीर कोविड-19 के खिलाफ इसकी प्रभाव क्षमता 100 प्रतिशत है. एक बयान में भारत बायोटेक ने कहा, “दूसरा अंतरिम विश्लेषण कोविड-19 के लक्षण वाले 87 मामलों के परिणाम पर आधारित है. हाल में मामलों में आई तेजी के मद्देनजर, लक्षण वाले 127 मामलों को दर्ज किया गया, जिसमें कोविड-19 बीमारी के हल्के, मध्यम और गंभीर लक्षण वालों पर इसका प्रभाव 78 प्रतिशत रहा.”

भारत में कोविशील्ड और कोवैक्सीन के जरिए 100 दिनों से वैक्सीनेशन जारी है. कोविशील्ड का उत्पादन पुणे की सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) कर रही है. इस वैक्सीन को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी-एस्ट्राजेनेका ने तैयार किया है. अब तक केंद्र सरकार की तरफ से वैक्सीनेशन अभियान जारी है. 1 मई से 18-45 साल के उम्र वाले लोगों को भी वैक्सीन दी जाएगी. जिसके लिए भारत बायोटेक अपनी ‘कोवैक्सीन’ को राज्य सरकारों को प्रति डोज 600 रुपए और प्राइवेट अस्पतालों को प्रति डोज 1,200 रुपए में उपलब्ध कराएगी. वहीं इससे पहले, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) ने अपनी वैक्सीन ‘कोविशील्ड’ को राज्य सरकारों को 400 रुपए प्रति डोज और निजी अस्पतालों को 600 रुपए प्रति डोज के दर से देने की घोषणा की थी.

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