आयशर कंपनी द्वारा प्रदत्त दो एम्बुलेंस मंत्री दत्तीगांव की मौजूदगी में अस्पताल प्रशासन को सौंपी

 

आयशर कंपनी द्वारा प्रदत्त दो एम्बुलेंस मंत्री दत्तीगांव की मौजूदगी में अस्पताल प्रशासन को सौंपी
कुक्षी और धामनोद के चिकित्सालयों को दी जाएंगी ये एंबुलेंस

धार ( डाँ. अशोक शास्त्री )जिले के कोविड प्रभारी तथा प्रदेश के औद्योगिक नीति व निवेश प्रोत्साहन मंत्री राजवर्धनसिंह दत्तीगांव की मौजूदगी में सोमवार को पीथमपुर में आयशर कंपनी द्वारा दो अत्याधुनिक एंबुलेंस धार सीएमएचओ को सौंपी गई। इस दौरान विधायक नीना वर्मा, कलेक्टर आलोक कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह मौजूद थे। ये एम्बुलेंस कुक्षी तथा धामनोद चिकित्सालय को दी जाएगी। इस अवसर पर मंत्री श्री दत्तिगांव ने आयशर ग्रुप एवं उनके मैनेजमेंट को धन्यवाद देते हुए कहा कि कोविड के समय में आपने आगे आकर वास्तव में अपनी कॉपरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी का निर्वहन किया है। मै इसके लिए आप सबका बहुत आभार व्यक्त करता हूं। सरकार तथा जिले की जनता की तरफ से धन्यवाद देता हूॅं। यह जिले के लिए बड़ी पहल है।
मंत्री श्री दत्तीगांव ने कहा कि आयशर ग्रुप को विश्वास दिलाता हूॅ कि जिस भरोसे से ग्रुप में सीएसआर के तहत यह एम्बुलेंस दी है लोगों के बीमारी के समय यह अपनी सार्थकता सिद्ध करेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि मेरे द्वारा निर्देश दिए गए है कि इनका सद्पयोग हो। इमरजेंसी में मरीजों के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध हो। इन एम्बुलेंस में वेंटीलेटर भी होगा, आक्सीजन भी होगा, ऐसी सभी जीवन रक्षक आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। उन्होंने कहा कि यह सुविधा धामनोद व कुक्षी क्षेत्र के लिए दे रहे है। धामनोद धरमपुरी हाइवे पर स्थित है जहां एक्सीडेंट होते रहते है और वहां एक दम से स्पॉट ऑफ केसेज भी आये है और कुक्षी पूरी तरह से ट्राइबल एरिया है, वहां एम्बुलेंस जाएगी तो हम वहां डही, कुक्षी, मनावर पूरा क्षैत्र कवर करेगी। निमाड़ का अच्छा खासा क्षेत्र भी इससे कवर होगा। इसके पूर्व मंत्री श्री दत्तीगांव ने एंबुलेंस का अवलोकन कर उसमें मौजूद स्टाफ और जीवन रक्षक प्रणाली के बारे में जानकारी प्राप्त की। इसके साथ ही मंत्री श्री दत्तीगांव ने यहां तैयार की गई ऑक्सीजन एंबुलेंस को भी देखा। कलेक्टर श्री सिंह ने बताया कि वर्तमान में ऑक्सीजन की सप्लाई विभिन्न वाहनों से की जा रही है।देखने में आ रहा है कि अलग पहचान नहीं होने के कारण कई बार इनके निर्बाध आवागमन में दिक्कत होती है।शासन द्वारा ऐसे वाहनों को एंबुलेंस का दर्जा भी दिया गया है।अभी तो ऑक्सीजन सप्लाई करने वाले वाहनों के लिए पायलटिंग की व्यवस्था रहती है।यह ऑक्सीजन एंबुलेंस की दूर से ही ऑक्सीजन सप्लाई करने वाले वाहन के रूप में पहचान निरूपित हो सकेगी।

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