रूस ने सिंगल डोज वाली ‘स्पुतनिक लाइट’ वैक्सीन को दी मंजूरी, 80% तक प्रभावी होने का दावा

रूस की वैक्सीन स्तूपनिक का नया वर्जन लॉन्च किया गया है। स्तूपनिक लाइट नाम की इस वैक्सीन के 80 प्रतिशत तक प्रभावी होने दावा किया गया है। इस वैक्सान की सिर्फ एक डोज ही कोविड-19 से सुरक्षा देने में बताई जा रही है।इस वैक्सीन की फंडिंग करने वाले रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष (आरडीआईएफ), ने एक बयान में कहा कि दो-शॉट वाली स्पूतनिक वी वैक्सीन की तुलना में सिंगल डोज वाली स्पूतनिक लाइट ज्यादा प्रभावी है. स्पूतनिक V 91.6 प्रतिशत तक प्रभावी है जबकि स्पूतनिक लाइट 79.4 प्रतिशत तक प्रभावी है.

परिणाम में कहा गया है कि, 5 दिसंबर 2020 से 15 अप्रैल 2021 के बीच रूस में चले व्यापक टीकाकरण अभियान में ये वैक्सीन दी गई जिसके 28 दिन बाद इसका डाटा लिया गया था. बता दें 60 देशों में रूस की वैक्सीन को इस्तेमाल करने की मंजूरी दी जा चुकी है. लेकिन यूरोपियन मेडिसिन एजेंसी (ईएमए) और यूनाइटेड स्टेट्स फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने इसे अभी तक मंजूरी नहीं दी है.

पिछले साल रूस ने पंजीकृत कराई थी पहली वैक्सीन:-कुछ पश्चिमी देशों ने भी स्पूतनिक वैक्सीन को लेकर सावधान भी किया है. सोवियत युग के एक उपग्रह के नाम पर बनी इस वैक्सीन को लेकर ऐसा कहा जा रहा है कि रूस इसे अपनी रुचियों को आगे बढ़ाने के लिए एक नरम-शक्ति उपकरण के रूप में उपयोग कर सकता है.

रूस ने बड़े पैमाने पर क्लिनिकल परीक्षणों से पहले अगस्त में जैब पंजीकृत किया था, लेकिन प्रमुख चिकित्सा पत्रिका द लैंसेट ने कहा है कि यह सुरक्षित है और इसकी दो खुराकें 90 प्रतिशत से अधिक प्रभावी हैं.

एक बयान में कहा गया है कि स्पूतनिक V वैक्सीन विकसित करने वाले राज्य में संचालित गामलेया शोध संस्थान और आरडीआईएफ ने फरवरी में रूस, यूएई और घाना सहित कई देशों में स्पूतनिक के तीसरे चरण के ट्रायल शुरू किए थे, जिसमें 7,000 लोग शामिल हुए थे. इसके अंतरिम नतीजे इस साल के अंत तक आ सकते हैं.इसका कहना है कि दुनिया भर में अब तक दो करोड़ से ज्यादा लोग स्पूतनिक V की पहली खुराक ले चुके हैं.

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