
अमेरिकी सर्जन जनरल विवेक मूर्ति ने लोगों को कोरोना वायरस को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों से बचने की सलाह दी है. उन्होंने खासतौर पर अमेरिकी भारतीय और भारत के लोगों के नाम अपने संदेश में कहा है कि इस मुश्किल दौर में अफवाहें विनाशकारी साबित हो सकती हैं, इसलिए उनसे बचा जाना चाहिए. मूर्ति ने कहा कि महामारी के दौर में आप सोशल मीडिया पर जो कुछ पढ़ते हैं, उसे सही मानकर फॉरवर्ड करने से पहले उसकी सच्चाई पता कर लेना महत्वपूर्ण है.
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सर्जन ने कहा गलत सूचना स्वयं एक वायरस है, और यह लोगों को नुकसान पहुँचाती है, और यह कभी-कभी उन्हें ऐसे कार्य करने के लिए मजबूर करती है जो उन्हें और अन्य लोगों को परेशानी में डालते हैं अमेरिका में रहने वाले भारतीयों से वर्चुअल संवाद में मूर्ति ने कहा कि ऐसे वक्त में जब भारत कोरोना की दूसरी लहर का सामना कर रहा है, अफवाहें उनकी परेशानी बढ़ा सकती हैं.
Source का ध्यान रखने की सलाह:-डॉक्टर मूर्ति ने भारतीयों को सलाह देते हुए कहा कि व्हाट्सएप जैसे ऐप लोगों को एक -दूसरे से जोड़ने का बेहतरीन माध्यम हैं, लेकिन इन्हीं पर गलत जानकारी भी तेजी से फैलाई जा सकती है. उन्होंने कहा स्रोत बहुत मायने रखता है, आपको यह पता होना चाहिए कि जिस जानकारी पर आप यकीन कर रहे हैं, वो कहां से आई है. मूर्ति ने आगे कहा कि महामारी के कठिन दौर में यदि आप फेक न्यूज पर रोक लगाने में कामयाब हुए, तो स्थिति को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है.
वहीं कोरोना महामारी की सबसे ज्यादा मार अमेरिका और भारत पर पड़ी है और यह भी सच्चाई है कि दोनों ही देशों में फर्जी एवं भ्रामक खबरों ने इस लड़ाई में सरकार को कमजोर किया है. मास्क से लेकर वैक्सीन तक के संबंध में सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर गलत जानकारी साझा की गई.