
देश में चारो तरफ कोरोना संक्रमण के कारण लाखों लोग जहां कोरोना संक्रमित हो रहे हैं वहीं लाखों लोगों की कोरोना से अबतक मौत हो चुकी है. इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के मेरठ में कोरोना महामारी से संबंधित एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. मेरठ में दो जुड़वा भाईयों की कोरोना संक्रमित होने के बाद मौत हो गई है. मृत भाईयों के नाम जोफ्रेड वर्गीज ग्रेगरी और राल्फ्रेड जॉर्ज ग्रेगरी है.पेशे से इंजीनियर 24 वर्षीय भाइयों की मौत के बीच फर्क कुछ घंटों का ही रहा.
धरती पर एक साथ आए और एक साथ ही दुनिया को अलविदा कहकर चले गए. जोफ्रेड और रालफ्रेड की बीते हफ्ते कोविड-19 के चलते मौत हो गई है. दोनों का जन्म 23 अप्रैल 1997 को हुआ था. रिपोर्ट के मुताबिक, जन्मदिन के अगले ही दिन यानी 24 अप्रैल को वे इस घातक वायरस की चपेट में आ गए. बताया जा रहा है कि दोनों हैदराबाद में नौकरी करते थे.
‘जो करते थे साथ करते थे’:-दोनों भाइयों के पिता ग्रेगोरी रेमंड राफेल बताते हैं कि उन्हें यह लगभग पता था कि अगर उनके बेटे वापस आएंगे, तो दोनों साथ आएंगे, नहीं तो कोई नहीं आएगा. वे कहते हैं, ‘जो भी एक को होता था, वो दूसरे को होता था.’ उन्होंने कहा, ‘उनके जन्म से ही ऐसा चल रहा था. जोफ्रेड की मौत की खबर मिलने के बाद मैंने अपनी पत्नी को बताया कि रालफ्रेड भी घर अकेला नहीं लौटेगा. वे 13 और 14 मई को कुछ घंटों के अंतराल से चले गए.’ राफेल के तीन बेटे हैं. सबसे छोटे बेटे का नाम नेलफ्रेड है.
परिवार ने भाइयों का शुरुआती इलाज घर पर ही किया. उन्हें लगा कि बुखार चला जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. उनके पिता ने बताया कि ऑक्सीजन स्तर 90 पर पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने दोनों को अस्पताल ले जाने की सलाह दी थी. दोनों भाइयों की पहली रिपोर्ट में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई, लेकिन कुछ दिनों बाद दूसरी RT-PCR रिपोर्ट नेगेटिव आई.
ग्रेगोरी ने बताया, ‘रालफ्रेड ने आखिरी बार अपनी मां को कॉल किया था. वो अस्पताल के बिस्तर से ही बात कर रहा था.’ उन्होंने बताया, ‘उसने अपनी मां से कहा कि उसकी हालत सुधर रही है और जोफ्रेड की तबियत के बारे में पूछा. तब तक जोफ्रेड का निधन हो चुका था. इसलिए हमने एक कहानी बनाई. हमने उसे बताया कि हमें उसे दिल्ली के अस्पताल में शिफ्ट करना पड़ रहा है, लेकिन रालफ्रेड शायद जानता था. उसने अपनी मां से कहा कि आप झूठ बोल रहे हैं.’