
अरबपति कारोबारी गौतम अदाणी नियंत्रित अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड ने सॉफ्टबैंक समूह की सहायक एसबी एनर्जी इंडिया को खरीद लिया है. यह डील 3.5 अरब डॉलर यानी करीबन 24,000 करोड़ रुपये मे पूरी हुई है. ऐसा माना जा रहा है कि यह भारत के रिन्यूएबल सेक्टर के इतिहास में सबसे बड़ी डील है. अडानी एनर्जी ने इस कंपनी को सॉफ्टबैंक ग्रुप और भारती ग्रुप से खरीदा है. अडानी ग्रीन ने एसबी एनर्जी में सॉफ्टबैंक ग्रुप और भारती ग्रुप की क्रमशः 80 फीसदी और 20 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है. कंपनी की तरफ से इस डील की जानकारी बुधवार को दी गई है.
जानें, क्या कहते हैं गौतम अडानी?
अडानी समूह के अध्यक्ष गौतम अडानी ने कहा कि सॉफ्टबैंक और भारती समूह ने जो संपत्ति बनाई है वह “excellent” है और कंपनी को उनकी विरासत को आगे ले जाने पर गर्व है. उन्होंने कहा कि यह डील जनवरी 2020 में बताए गए हमारे विजन की दिशा में एक और कदम है. इसमें हम 2025 तक दुनिया की सबसे बड़ी सौर कंपनी बनने और उसके बाद 2030 तक दुनिया की सबसे बड़ी अक्षय कंपनी बनने की योजना बनाई है.
मतभेदों के कारण टूटी थी यह डील:-बता दें कि एसबी एनर्जी इंडिया के पास भारत के चार राज्यों में फैले 4,954 मेगावाट का कुल renewable portfolio है. बता दें कि इससे पहले एसबी एनर्जी की Canadian Pension Plan Investment Board से बातचीत चल रही थी लेकिन इवैल्यूएशन पर मतभेदों के कारण यह टूट गई थी. इसके बाद अडानी ग्रीन एनर्जी के साथ उसकी बातचीत तेज हो गई थी.
जानें इस डील से क्या फायदा होगा?
इस अधिग्रहण से अडानी ग्रीन की क्षमता में 4954 मेगावॉट का इजाफा होगा. कंपनी के पोर्टफोलियो में सोलर, विंड और सोलर-विंड हाइब्रिड प्रोजेक्ट शामिल हैं. इनमें से 1,400 मेगावॉट की परियोजनाएं ऑपरेशनल हैं जबकि बाकी पर काम चल रहा है. सभी प्रोजेक्ट्स के पास 25 साल का पावर परचेज एग्रीमेंट है. इस डील से अडानी ग्रीन की क्षमता 24,300 मेगावॉट हो गई है.