
देश में इस वक्त कोरोना संक्रमण पर काबू पाने के लिए दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन प्रोग्राम चल रहा है। अब ये वैक्सीनेशन प्रोग्राम अपने तीसरे चरण में पहुंच चुका है, जिसके तहत 18+ आयु वाले लोगों का भी टीकाकरण किया जा रहा है। कोविड वैक्सीनेशन को लेकर युवाओं सहित हर आयु वर्ग के लोगों में उत्साह है। लोगों का ये उत्साह खासतौर पर सोशल मीडिया पर देखा जा सकता है, जहां लोग वैक्सीनेशन की तस्वीरें और सर्टिफिकेट जमकर शेयर कर रहे हैं।
अगर आपने भी वैक्सीन लगवाई है और मिलने वाले सार्टिफिकेट को सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया है तो सावधान हो जाइयेगा। इससे आपको बड़ा खतरा हो सकता है। गृह मंत्रालय ने इस सर्टिफिकेट को सोशल मीडिया पर शेयर नहीं करने की सलाह दी है।
गृह मंत्रालय के साइबर दोस्त टि्वटर हैंडल पर इसकी जानकारी दी गई है। एक ट्वीट में साइबर दोस्त ने लिखा है, कोविड-19 वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट पर वैक्सीन लेने वाले व्यक्ति का नाम, उम्र, लिंग, और अगले डोज की तारीख लिखी होती है। इसके साथ ही और तमाम जानकारी शामिल होती है।इसमें आगे कहा गया है कि इन जानकारियों का इस्तेमाल जालसाजी के लिए किया जा सकता है। लिहाजा आपको सावधान रहने की जरूरत है।
इसलिए जारी किया जाता है सर्टिफिकेट:-पहली डोज के बाद सरकार एक प्रोविजनल सर्टिफिकेट जारी करती है, जिसमें पर्सनल जानकारी के साथ दूसरी डोज की तारीख का ब्यौरा शामिल रहता है। वहीं फाइनल सर्टिफिकेट दूसरी डोज लगने के बाद दिया जाता है। वैक्सीन का यह सर्टिफिकेट भविष्य में इंटरनेशनल ट्रैवल समेत कई चीजों के लिए जरूरी हो सकता है।