UAE की जेल में था हत्या का दोषी भारतीय नागिरक, NRI कारोबारी ने एक करोड़ रुपए देकर कराया रिहा

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में 2012 में एक सूडानी लड़के की कार हादसे में मौत के मामले में दोषी भारतीय नागरिक कृष्णन को मृत्युदंड से बचा लिया गया। उसे बचाने के लिए एनआरआई कारोबारी एमए यूसुफ अली ने एक करोड़ ‘ब्लड मनी’ दिया। केरल के रहने वाले 45 वर्षीय बेक्स कृष्णन ने सितंबर 2012 में लापरवाही से कार चलाते हुए बच्चों के एक समूह को टक्कर मार दी थी। कृष्णन को एक सूडानी लड़के की हत्या का दोषी पाए जाने के बाद यूएई की सुप्रीम कोर्ट ने मौत की सजा दी थी।

इसके बाद से कृष्णन के परिजन और मित्र उसे रिहा कराने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वे ऐसा नहीं कर पाए, क्योंकि पीड़ित का परिवार अपने देश सूडान लौट चुका है, जिसके कारण वे उन्हें माफी देने के लिए नहीं मना पाए। इसके बाद कृष्णन के परिवार ने लुलु समूह के अध्यक्ष यूसुफ अली से संपर्क किया, जिन्होंने मामले की सारी जानकारी हासिल की और सभी पक्षकारों के बात की। लुलु समूह ने एक बयान में बताया कि पीड़ित का परिवार जनवरी 2021 में कृष्णन को माफी देने के लिए अंतत: तैयार हो गया। इसके बाद यूसुफ अली ने कृष्णन की रिहाई के लिए अदालत में पांच लाख दिरहम (करीब एक करोड़ रुपए) मुआवजा दिया।

यह मेरे लिए पुनर्जन्म : कृष्णन
एक बयान में कृष्णन के हवाले से कहा गया कि यह मेरे लिए पुनर्जन्म है, क्योंकि मैंने बाहर की दुनिया देखने और आजाद जीवन जीने की सभी उम्मीदें छोड़ दी थीं। अब मेरी एकमात्र इच्छा अपने परिवार से मिलने जाने से पहले यूसुफ अली से मुलाकात करने की है। यूसुफ अली ने कृष्णन की रिहाई के लिए ईश्वर और संयुक्त अरब अमीरात के दूरदर्शी शासकों की उदारता को धन्यवाद दिया। उन्होंने कृष्णन के खुशहाल एवं शांतिपूर्ण जीवन की कामना की।

क्या है ‘ब्लड मनी’ :-यूएई में ब्लड मनी को न्याय का तरीका माना जाता है। हत्या के मामले में पीड़ित परिवार को दिए जाने वाले मुआवजे की रकम को ब्लड मनी कहा जाता है। यह धनराशि हत्या करने वाला चुकाता है और बदले में पीड़ित परिवार उसकी सजा माफ कर देता है। यह रकम तभी दी जा सकती है जब पीड़ित पक्ष लेने के लिए तैयार हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *