
दुनिया की बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों में शामिल अलीबाबा के फाउंडर Jack Ma इन दिनों अपनी हॉबीज और समाजसेवा पर ध्यान दे रहे हैं। अलीबाबा के एग्जिक्यूटिव वाइस चेयरमैन और को-फाउंडर Joe Tsai ने मंगलवार को CNBC को यह जानकारी दी।पिछले वर्ष चीन के रेगुलेटरी सिस्टम की आलोचना करने के बाद चीन सरकार ने अलीबाबा पर शिकंजा कसा था। इससे अलीबाबा को फाइनेंशियल बिजनेस से जुड़े Ant Group का 37 अरब डॉलर का इनिशियल पब्लिक ऑफर टालना पड़ा था।
जैक मा नहीं दिखना चाहते हैं ज्यादा:-इसके बाद से Jack सार्वजनिक जगहों पर बहुत कम नजर आए हैं. Tsai ने कहा, “वह ज्यादा दिखना नहीं चाहते. मैं उनसे प्रत्येक दिन बात करता हूं.” अपनी हाजिरजवाबी के लिए पहचाने जाने वाले Jack के कुछ बयानों से चीन सरकार नाराज हो गई थी. Jack दो वर्ष पहले अलीबाबा के कामकाज से अलग हो गए थे लेकिन इनवेस्टर्स उन्हें अभी भी पसंद करते हैं. Tsai ने कहा कि यह मानना गलत होगा कि Jack काफी ताकतवर हैं. वह एक साधारण व्यक्ति हैं. बता दें कि प्रतिस्पर्धा विरोधी तरीकों के लिए अप्रैल में अलीबाबा पर 2.8 अरब डॉलर का भारी जुर्माना भी लगाया गया था.
मुश्किलों को पीछे छोड़ चुके हैं:-Tsai ने बताया, “हमारे बिजनेस की कुछ रिस्ट्रक्चरिंग हो रही है. हमें बड़ा जुर्माना चुकाना पड़ा है लेकिन हम उन मुश्किलों को पीछे छोड़ चुके हैं और आगे की ओर देख रहे हैं.” चीन में मानवाधिकार के मुद्दों पर उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोग इससे खुश हैं कि उनके जीवन में सुधार हो रहा है.
चीन सरकार की आलोचना बनी मुसीबत:-जैक मा ने पिछले साल चीनी राष्ट्रपति की आलोचना की थी. इसके बाद से ही मा के बुरे दिन शुरू हो गए. चीन सरकार की नीतियों की आलोचना के बाद उनकी कंपनियों पर सख्त कार्रवाई की गई. धीरे-धीरे उनकी कंपनियों को निशाना बनाया जाने लगा. पहले एनटी ग्रुप का आईपीओ कैंसल हुआ, फिर कंपनी का कारोबार बिक गया. इसके बाद और भी काफी नुकसान हुआ. इससे जैक मा की नेटवर्थ घट गई. धीरे-धीरे जैक मा का उनके Group पर से नियंत्रण खत्म हो रहा है. उन्हें अपनी हिस्सेदारी बेचनी पड़ रही है.
जैक मा ने 24 अक्टूबर 2020 को चीन के नौकरशाही तंत्र की आलोचना करते हुए भाषण दिया था. उन्होंने चीन के वित्तीय नियामकों और सरकारी बैंकों (PSBs) की सख्त निंदा की थी.