डेल्टा प्लस का प्रकोप: डॉ गुलेरिया ने इन तीन चीजों को बताया ‘किसी भी वेरिएंट’ के खिलाफ मजबूत हथियार

भारत में कोरोना वायरस की दूसरी लहर  का संक्रमण कम होने लगा है, लेकिन इस बीच तीसरे लहर की आशंका जताई जा रही है. दुनियाभर में तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस के डेल्टा प्लस वैरिएंट के मामले देश के 8 राज्यों में सामने आ चुके हैं और इसका खतरा बढ़ने लगा है. इस बीच एम्स  के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने कोविड-19 के नए रूप के खिलाफ हथियारों को लेकर जानकारी दी है.एम्स  के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने लॉकडाउन, वैक्सीनेशन और कोविड प्रोटोकॉल को कोरोना संक्रमण की लड़ाई में सबसे मजबूत हथियार बताया है.

डॉ गुलेरिया ने कहा, ‘यह कहना मुश्किल है कि डेल्टा प्लस वेरिएंट भारत में कोई समस्या पैदा कर रहा है, लेकिन हम अपने सुरक्षा नियमों से समझौता नहीं कर सकते. हमें कोरोना वायरस को लेकर दर्ज किए गए उन सभी मामलों पर करीबी नजर रखने की जरूरत है, जहां इसमें किसी भी तरह की बढ़ोतरी देखी जाती है. तीसरी लहर से बचने के लिए हमें सतर्क रहना होगा और कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करना होगा. हमें आक्रामक तरीके जांच और उसे ट्रैक करने की जरूरत है, ताकि अधिक-से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाई जा सके.’

एम्स के निदेशक ने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोरोना वायरस का कौन-सा वेरिएंट आया है, जब तक हम कोविड-19 प्रोटोकॉल का सही से पालन करते रहेंगे… महामारी को बढ़ने से रोका जा सकता है. उन्होंने कहा, ‘किसी भी वेरिएंट पर काबू पाने के लिए लॉकडाउन, वैक्सीनेशन और प्रोटोकॉल ये तीन सबसे बेहतर हथियार हैं.’

डॉ गुलेरिया ने चेतावनी देते हुए कहा कि कोरोनी की तीसरी लहर से बचने के लिए चौकन्ना रहने की जरूरत है. देश में तीसरी लहर की आशंका बनी हुई है, जबकि अप्रैल और मई के महीने में भारत में आई कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर का कम होना अभी बाकी है.

दूसरी लहर में कोरोना मामलों की संख्या में जबरदस्त इजाफा हुआ, प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों की जानें गईं, इस दौरान देश की स्वास्थ्य व्यवस्था बिल्कुल चरमरा गई और विभिन्न अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति में कमी के कारण संकट और भी बढ़ गया था. यहां तक कि कोरोना महामारी से निपटने के लिए देश के अधिकांश हिस्सों में पाबंदी और सख्त प्रतिबंध भी लागू किए गए थे.

अब जबकि कोरोना के मामलों में कमी आ रही है और धीरे-धीरे प्रतिबंधों में ढील देने की शुरुआत हो गई है, ऐसे में विशेषज्ञ तीसरी लहर के आने की चेतावनी दे रहे हैं, जिसमें कुछ का कहना है कि यह बच्चों को सबसे अधिक प्रभावित करेगा. गुलेरिया ने कहा, ‘अधिकारियों को स्कूल खोलने पर विचार करने की जरूरत है. मुझे व्यक्तिगत रूप से लगता है कि हमें स्कूल खोलने की आवश्यकता है और ऐसा करने के लिए एक रणनीति भी तय करनी होगी. स्कूलों को अलग-अलग स्तर पर खोला जाना चाहिए.’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *