कोरोना नियमों की अनदेखी और संभावित तीसरी लहर को लेकर केंद्र ने फिर चेताया, कही ये बात

कोरोना की दूसरी लहर का कहर कम होने और लॉकडाउन खुलते ही पर्यटन स्थल पर पर्यटकों की भीड़ बढ़ती जा रही है. संभावित तीसरी लहर की आशंका के बीच मनाली, मसूरी, शिमला से आई तस्वीर चिंता बढ़ाने वाला है. इन सबके बीच सरकार ने कहा है कि अगले 100 से 125 दिन काफी क्रिटिकल हैं.बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लोगों को कोरोना-संबंधी नियमों का पालन करने का आग्रह किया है. केंद्र ने कहा कि हाल के दिनों में देश में कोरोना के मामले में कमी की दर धीमी हुई है और इसे संभावित तीसरी लहर के आने की चेतावनी के तौर पर लेने की जरूरत है.

नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने कहा, ‘कोरोना की तीसरी लहर की बात इसलिए हो रही है क्योंकि अभी हर्ड इम्युनिटी पर नहीं पहुंचे हैं. बड़ी आबादी को संक्रमण का खतरा बरकरार है. हम संक्रमण के रास्ते हर्ड इम्युनिटी तक नहीं पहुंचना चाहते. केस कम होने की रफ्तार धीमी हो गई है. हालात खराब न हो इसलिए कोविड-संबंधी व्यवहार बेहद जरूरी है.’ उन्होंने कहा कि सौ- सवा सौ दिन बेहद अहम हैं, इसलिए सबको सतर्क रहना होगा और जिम्मेदारी निभानी होगी.

नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि देश में कोरोना वायरस के मामलों में गिरावट की रफ्तार कम हुई है और यह हमारे लिए खतरे का संकेत है. उन्होंने कहा कि भारत में कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई के लिए अगले 100 से 125 दिन काफी अहम हैं.

डॉ. वीके पॉल ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने आंकड़ों के आधार पर विश्लेषण किया है और बताया है कि वर्ल्ड तीसरी वेब की ओर बढ़ रहा है. पॉल ने डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि स्पेन में 64% केस एक हफ्ते में बढ़े हैं. इसी तरह से नीदरलैंड्स में कोरोना के मामलों में 300% का इजाफा देखने को मिला है. उन्होंने कहा, ‘डब्ल्यूएचओ की चेतावनी ग्लोबल है. उसे हमें समझना है और जो जरूरी उपाय हैं उन्हें हमें अपनाना है.’

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