
बंगाल भाजपा में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। खासकर सुवेंदु अधिकारी के आने के बाद पार्टी के भीतर कलह बढ़ गई है। नेता प्रतिपक्ष बनने और पार्टी में कद बढ़ने से कई नेताओं में नारजगी बढ़ी है। नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को हराकर सुवेंदु अधिकारी भले ही अलग धाक बनाई हो, लेकिन बंगाल विधानसभा चुनावों में भाजपा के बेहतर प्रदर्शन नहीं करने को लेकर पार्टी के नेता एक दूसरे पर छींटाकशी कस रहे हैं। हालांकि, इस हार का ठीकरा अब सुवेंदु अधिकारी ने पार्टी के नेताओं के सिर फोड़ा है।
राज्य में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने कहा है कि बंगाल चुनाव में भाजपा कुछ नेताओं के ‘अतिविश्वास’ के चलते हारी। उन्होंने कहा कि पार्टी के कई नेताओं को यह लगने लगा था कि भाजपा 170 से ज्यादा सीटों पर जीतने वाली है, जबकि जमीनी हकीकत पर किसी ने ध्यान नहीं दिया, जिसका नतीजा पार्टी चुनाव हार गई। पूर्वी मेदिनापुर जिले के चांदीपुर इलाके में पार्टी की एक मीटिंग के दौरान शुभेंदु ने यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि अति विश्वास की वजह से ही राज्य में उभरती जमीनी स्थिति को समझने में चूक हो गई।
बीते साल तृणमूल कांग्रेस छोड़ बीजेपी में आने वाले अधिकारी ने कहा, ‘हमने पहले दो चरणों के चुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन हमारे कई नेता आत्मसंतुष्टि और अतिविश्वास से घिर गए। उन्होंने यह मानना शुरू कर दिया था कि बीजेपी 170-180 सीटें जीतने वाली है, लेकिन उन्होंने जमीनी कार्य नहीं किया। इसकी कीमत चुकानी पड़ी।’
अधिकारी ने यह भी कहा कि लक्ष्य निर्धारित करने के साथ ही जमीनी स्तर पर काम करना भी जरूरी है, जिसके लिए मेहनत करनी पड़ती है।अधिकारी के इस बयान पर तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘बीजेपी झूठी खुशी मना रही थी। उसके कई नेताओं ने अनुमान लगाया था कि पार्टी 200 से ज्यादा सीटें जीतेगी। वह (शुभेंदु) दूसरों को गलत क्यों बता रहे हैं? क्या उन्होंने खुद बार-बार यह नहीं कहा कि उनकी पार्टी कम-से-कम 180 सीटों पर जीतेगी। असल में उन्हें बंगाल की नब्ज नहीं पता, तृणमूल को पता है।’