
हरियाणा में करनाल के सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट आयुष सिन्हा प्रदर्शनकारियों की भरपूर पिटाई करने और सुरक्षा घेरा तोड़ने वालों के ‘सिर फोड़ने’ का पुलिसकर्मियों को निर्देश देते कैमरे में कैद हुए हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में हरियाणा के 2018 बैच के आईएएस अधिकारी आयुष सिन्हा को पुलिसकर्मियों को यह निर्देश देते हुए सुना जा सकता है, “उठा उठाकर मारना पीछे सबको. हम सुरक्षा घेरा को तोड़ने की अनुमति नहीं देंगे. हमारे पास पर्याप्त फोर्स मौजूद है. हम दो रात से सोये नहीं हैं, लेकिन तुम लोग कुछ नींद लेकर यहां आये हो… मेरे पास एक भी बंदा निकलकर नहीं आना चाहिए. अगर आये तो सिर फूटा हुआ होना चाहिए उसका. कोई संशय तो नहीं आपको.”
इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित खबर के अनुसार, इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने सिन्हा के निलंबन की मांग की है. राज्य सरकार के अधिकारी एसडीएम की टिप्पणी पर कुछ बोलना नहीं चाहते थे, उल्टे कुछ ने यह कहते हुए इसे सही ठहराने की कोशिश की कि सिन्हा ने कुछ भी गलत नहीं कहा और वह ऐसे दबाव के समय बस अपना कर्तव्य निभा रहे थे.
करनाल में एसडीएम पद पर तैनात सिन्हा को होटल प्रेम प्लाजा के पास कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात किया गया था, जहां मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और प्रदेश पार्टी अध्यक्ष ओम प्रकाश धनखड़ सहित प्रदेश भाजपा नेतागण आगामी पंचायत चुनाव के लिए पार्टी की रणनीति को लेकर बैठक कर रहे थे.
एसडीएम ने ‘द संडे एक्सप्रेस’ को दी गयी अपनी प्रतिक्रिया में कहा, “विरोध स्थल और बैठक स्थल के बीच मुख्य रूप से तीन चौकियां थीं. मुझे सभास्थल से पहले तीसरे और अंतिम चेकपोस्ट पर तैनात किया गया था. यदि कोई तत्व वहां तक पहुंचता है तो इसका अर्थ है कि वह उससे पहले दो चेकपोस्ट को तोड़ चुका होगा. तीसरा नाका सभा स्थल के बहुत करीब था, जिसके टूटने से तोड़फोड़ की अत्यधिक आशंका थी और कुछ असामाजिक तत्व इन प्रदशर्नकारी समूहों का हिस्सा थे. यह सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक हो सकता था.”उन्होंने वायरल वीडियो के साथ छेड़छाड़ करने का दावा किया और कहा कि सोशल मीडिया पर उनकी ब्रीफिंग के एक खास हिस्से को वायरल किया गया है.”
इस वीडियो को अपने ट्वीटर पर शेयर करते हुए भाजपा नेता वरुण गांधी ने लिखा है कि मुझे उम्मीद है कि यह वीडियो एडिट किया गया है और डीएम ने ऐसा नहीं कहा है. अन्यथा, यह हमारे अपने नागरिकों के लिए लोकतांत्रिक भारत में अस्वीकार्य है.