शहीद कैप्टन दीपक साठे की माता जी

मेरा लडका देश के लिये शहीद हुआ मेरे दोनो बेटे फौज मे थे बडा बेटा भी शहीद हुआ। पर इसको साॅर्ड ऑफ ऑनर मिला था पहला महाराष्ट्रीयन ऑफीसर था जिसको एयरफोर्स के आठो मेडल उसको मीले थे।डुंडीगल एयरफोर्स एकेडेमी साॅर्ड ऑफ ऑनर निजाम की ,और सब खेलो मे भी टाॅप किया घुडसवारी,तैराकी,स्क्वाॅश मे । मै माँ क्या बोलु कोई शब्द है क्या मेरे पास ? खुद की जान गवांकर बाकि लोगो की जान बचायी क्या करे ईश्वर की मर्जी के आगे कुछ नही।बचपन से ही आक्रामक था NDA मे भी टाॅप किया था मेडल मिला था उसको पहला मराठी लडका, इससे ऐयरफोर्रस के सब मेडल उसको मीले मेरे पति भी फौज से रिटायर हुये तीस साल फौज मे रहकर देश की सेवा की सब जग घुमे युरोप, नाईजीरिया यहा के लोगो ने उनको मेडल भी दिया ।
माँ क्या बोले , बस भगवान ने तारा किसकोऔर मारा किसको बस परमेश्वर के आगे सब नतमस्तक है।

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