
अनंत चतुर्दशी पर बन रहा मंगल बुधादित्य योग , जानें पूजा विधि , होगा बड़ा लाभ( डाँ. अशोक शास्त्री )
मालवा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डाँ.अशोक शास्त्री ने एक विशेष मुलाकात मे अनंत चतुर्दशी व्रत के बारे मे विस्तृत जानकारी देते हुए बताया की अनंत चतुर्दशी 19 सितंबर 2021 दिन रविवार को इस बार विशेष मंगल बुधादित्य योग बन रहा है । इस दिन महारविवार का भी व्रत होगा । अनंत चतुर्दशी पर शुभ मुहूर्त में पूजा करने से हर प्रकार की परेशानी और जीवन मे आने वाली बाधाओं से मुक्ति मिलेगी ।
ज्योतिषाचार्य डाँ. अशोक शास्त्री ने कहा की गणेश चतुर्थी के दिन स्थापित किए गए पार्थिव गणपति का विसर्जन अनंत चतुर्दशी के दिन किया जाता है । इसके पीछे पौराणिक कथा यह है कि जिस दिन वेद व्यास जी ने महाभारत लिखने के लिए गणेश जी को महाभारत की कथा सुनानी शुरु की थी उस दिन भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि थी । कथा सुनाते समय वेदव्यास जी ने आँखे बंद करली और गणेश जी को लगातार 10 दिनों तक कथा सुनाते रहे और गणेश जी लिखते रहे । 10 वे दिन जब वेदव्यास ने आँखे खोली तो देखा कि एक जगह बैठकर लगातार लिखते – लिखते गणेश जी के शरीर का तापमान काफी बढ गया है । ऐसे मे वेदव्यास जी ने गणेश जी को ठंडक प्रदान करने के लिए ठंडे जल मे डुबकी लगवाई । जंहा पर वेदव्यास जी के कहने पर गणपति महाभारत लिख रहे थे वंहा पास ही अलकनंदा और सरस्वती नदी का संगम है । जिस दिन सरस्वती और अलकनंदा मे गणेश जी को डुबकी लगवाई उस दिन अनंत चतुर्दशी का दिन था । यही वजह है कि चतुर्थी पर स्थापित होने के बाद गणेश जी का विसर्जन अनंत चतुर्दशी के दिन किया जाता है । डाँ.अशोक शास्त्री के मुताबिक तांत्रिक विषयों आधारित ग्रंथ मंत्रमहार्णव और मंत्र महोदधि मे एसा बताया गया है कि गणेश जी स्थापना मनोकामनानुसार करे और 10 दिनों तक साधना के पश्चात् इनका विसर्जन कर दे ।
डाँ. शास्त्री के मुताबिक अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व है । वैसे तो ये दिन मंगलकारी होता है , लेकिन इस बार अनंत चतुर्दशी पर मंगल बुधादित्य योग बन रहा है , जिसकी वजह से व्रत और पूजा करने वाले भक्तों के लिए ये दिन बहुत फलदायी होगा । इसलिए बन रहा मंगल बुधादित्य योग अनंत चौदस पर जहां गणपति बप्पा की विदाई होती है , वहीं इस दिन भक्त उपवास रखकर भगवान विष्णु के अनंत रूप की पूजा भी करते हैं । भगवान विष्णु को अनंत सूत्र बांधा जाता है , जिससे सारी बाधाओं से मुक्ति मिलती है । डाँ. अशोक शास्त्री के अनुसार अनंतसूत्र कपड़े या रेशम का बना होता है और इसमें 14 गांठ लगी होती हैं । ज्योतिषाचार्य डॉ. अशोक शास्त्री ने बताया कि अनंत चतुर्दशी पर इस बार मंगल , बुध और सूर्य एक साथ कन्या राशि में विराजमान रहेंगे , जिसकी वजह से मंगल बुधादित्य योग बन रहा है । इस योग में की गई पूजा अर्चना का महालाभ मिलता है ।
अनंत चतुर्दशी पर पूजन के लिए शुभ मुहूर्त 19 सितंबर 2021 सुबह 6.19 मिनट से शुरू होगा , जो अगले दिन 20 सितंबर को सुबह 5.30 बजे तक रहेगा ।
ज्योतिषाचार्य डाँ.अशोक शास्त्री ने बताया की अग्नि पुराण में अनंत चतुर्दशी व्रत के महत्व का वर्णन मिलता है । इस दिन प्रातःकाल स्नान के बाद पूजा स्थल पर कलश स्थापित करें । इसके बाद कलश पर भगवान विष्णु की तस्वीर भी लगाएं । एक धागे को कुमकुम , केसर और हल्दी से रंगकर अनंत सूत्र बनाएं , इसमें चौदह गांठें लगी होनी चाहिए । इस सूत्रो भगवान विष्णु की तस्वीर के सामने रखें । अब भगवान विष्णु और अनंत सूत्र की पूजा करें और ‘”अनंत संसार महासुमद्रे मग्रं समभ्युद्धर वासुदेव । अनंतरूपे विनियोजयस्व ह्रानंतसूत्राय नमो नमस्ते।।'” मंत्र का जाप करें । इसके बाद अनंत सूत्र को बाजू में बांध लें । माना जाता है कि इस सूत्र को धारण करने से संकटों का नाश होता है ।। ( डाँ.अशोक शास्त्री )
ज्योतिषाचार्य
डाँ. पं. अशोक नारायण शास्त्री
श्रीमंगलप्रद् ज्योतिष कार्यालय
245 , एम. जी. रोड ( आनंद चौपाटी ) धार , एम. पी.
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–: शुभम् भवतु :–