धार । फर्जी चिटफंड कंपनी बनाकर लोगों से करोडों रुपए की ठगी करने वाले आरोपियों को कोर्ट ने सुनाई सजा

फर्जी चिटफंड कंपनी बनाकर लोगों से करोडों रुपए की ठगी करने वाले आरोपियों को कोर्ट ने सुनाई सजा
धार ( डाँ.अशोक शास्त्री )। फर्जी चिटफंड कंपनी बनाकर गांव के लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के नाम पर की गई करोड़ों रुपए की ठगी के मामले में शामिल आरोपियो को धार कोर्ट ने सजा सुनाई है। धोखाधड़ी के मामले में सरदारपुर पुलिस ने कुल 4 लोगों को आरोपी बनाया था इन लोगों ने पहले गांव में जाकर एक सेमिनार आयोजित किया। जिसके बाद ग्रामीणों को झांसे में लेकर काम करवाया जब रुपए देने की बात आई तो कंपनी के ऑफिस में आग लगने की बात कहकर लोगों को टाल दिया था। ग्रामीणों को लंबे समय बाद शुक्रवार को इंसाफ मिला है। आरोपियों ने करीब 4 करोड रुपए की धोखाधडी की थी।
कोर्ट ने इन्हें सुनाई सजा
मुख्‍य न्‍यायिक मजिस्‍ट्रेट प्रसन्‍न सिंह धार द्वारा थाना सरदारपुर के अपराध में निर्णय पारित करते हुए अनुरागसिंह चौहान पिता वंशराजसिंह चौहान आयु 40 वर्ष, निवासी बड़ौदा (गुजरात), प्रीति गोयल पति संजय गोयल आयु 40 वर्ष निवासी उज्‍जैन, संजय गोयल पिता कृष्‍णकुमार गोयल आयु 50 वर्ष निवासी उज्‍जैन व गोविंद सोलंकी पिता अमरसिंह सोलंकी आयु 38 वर्ष निवासी ग्राम छड़ावद को 7-7 वर्ष का सश्रम कारावास व 1-1 लाख रूपये अर्थदण्‍ड से दण्डित किया है। अर्थदण्‍ड अदा न करने पर सभी आरोपीगण से 1 वर्ष का अतिरिक्‍त सश्रम कारावास से दण्डित किया जाएगा।
दो माह बाद पोर्टल बंद
अर्चना डांगी मीडिया प्रभारी ने बताया कि वर्ष 2012 में आरोपी अनुरागसिंह चौहान, संजय गोयल, प्रीति गोयल और उनके साथी जिले के ग्राम रिंगनोद आये थे। तथा पुलिस के प्रकरण में फरियादी धीरज को पृथ्‍वीयुटिलिटी कंपनी का सेमिनार आयोजन के लिए बोला था। उस पर धीरज द्वारा राजगढ़ में ओसवाल धर्मशाला में मीटिंग हेतू बुकिंग कराई थी दिनांक 13.12.2012 को आरोपी आये थे और उन्‍होने ने सेमिनार मे उपस्थित लोगों को बताया था कि हमारी पृथ्‍वीयुटिलिटी कंपनी ने विज्ञापन का काम करती है। विज्ञापन काम करने के लिए आप को एक 13, 500/- रूपये की आईडी खरीदना पडेगी। जिस पर आप को पासवर्ड दिये जायेगा।उस पर रोज काम करना पडेगा एक आईडी पर काम करने पर 3000/- रूपये प्रतिमाह दिये जाएगे। इस प्रकार 1 आई.डी पर 12 माह तक 3000-3000/- हजार रूपये मिलेगे और उन्‍होने मीटिंग में बताया था कि हमारी कंपनी वैध है हम टेक्‍स भी देते है। साथ ही इस कपंनी का मप्र राज्‍य की मुख्‍य ब्रांच आफिस उज्‍जैन भी ग्रामीण गए थे। इसके बाद धीरज व अन्‍य कई लोगो ने करीब 300 आईडी खरीदी थी। हालांकि 2 माह आईडी पर कार्य करने के बाद कंपनी द्वारा पोर्टल बंद कर दिया था।

कोर्ट में 37 लोगों ने दिए बयान
ग्रामीणों ने कंपनी की ओर से आए लोगों से रुपए देने की मांग की तो आरोपियों ने बताया कि उनके मुख्य ऑफिस बड़ौदा में आग लग गई है जल्द ही पोर्टल चालू करके रुपए लौटाई जाएंगे हालांकि महीनों तक रुपए नहीं आने के बाद ग्रामीण पुलिस के पास पहुंचे। रुपए नही मिलने पर ग्रामीणों ने मामले में सरदापुर पुलिस को शिकायत की थी जिसके बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया। सम्‍पूर्ण विवेचना के बाद पर अभियोग पत्र कोर्ट में पेश किया। कोर्ट में अभियोजन के द्वारा करीब 37 साक्ष्‍यो के कथनो करवाए गए थे, जिसपर ही कोर्ट ने आरोपियों को दण्डित किया है। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी एसएस गाडरिया सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी जिला धार की गई।

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