“कोरोना-उत्सव” ना बन जाये यह दीपोत्सव

“कोरोना-उत्सव” ना बन जाये यह दीपोत्सव

दीपोत्सव के इस महापर्व की आहट सुनते ही साल दर साल कोरोना से डरे हुए देश के नागरिक अब खुलकर त्योहार मनाने के मूड में दिखाई पड़ रहे है, देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में भी दीपोत्सव यानी साल के सबसे बड़े त्यौहार दीपावली को लेकर खासा उत्साह है और ऐसे खुशनुमा समय में इस घातक और रहस्यमयी वायरस को लेकर चिंताजनक समाचार सामने आ रहे है, खबर है कि इंदौर में कोरोना मरीजो के मिलने का सिलसिला पुनः शुरू हो गया है। समाचार पत्रो और वीडियो चैनलो के माधायम से सामने आ रहे फोटो और वीडियो में स्पष्ट दिखाई पड़ रहा है कि शहर वासियो ने मास्क लगाना और सोशल डिस्टिंसिग से किनारा कर लिया है, देश भर में यह घातक ट्रेंड चल पड़ा है लोगों ने मान लिया है कि कोरोना वाइरस अब लौट कर नही आयेगा लेकिन वो तो आ चुका है और अपने पैर पसार रहा है। पिछले 24 घंटों में देश में लगभग 13000 नए केस सामने आए हैं। कोरोना अभी गया नहीं है, हमें पहले से ज्यादा जागरूक रहने की जरूरत है।

दुनिया के कई देशों में कोरोना की वापसी हो चुकी है. ब्रिटेन में एक दिन में 40 हजार से ज्यादा नए केस मिल रहे हैं. ज्यादातर मामले कोरोना के डेल्टा वैरिएंट के हैं. रूस में भी ऐसी ही स्थिति है. रूस में हर रोज मौत का आंकड़ा 1000 से ऊपर पहुंच चुका है. जिस चीन से कोरोना की विदाई का दावा किया गया था वहां भी इस वायरस की वापसी हो चुकी है. चीन के कई शहरों में फिर से लॉकडाउन लगा दिया गया है.

भारत सरकार ने इससे पहले कोरोना नियमों (Corona Rules) को 31 अक्टूबर तक लागू रखने का आदेश दिया था लेकिन बिगड़ते हालात को देखते हुए अब इसे और एक महिने यानी 30 नंवबर तक बढ़ा दिया गया है. कोरोना दिशानिर्देशों (Corona Guidelines) में कहा गया है कि उन कार्यकर्मों में खास सतर्कता बरती जानी चाहिए जिनमें बड़ी सख्या में लोग शामिल हो रहे हैं ताकि कोरोना के मामले बढ़ने की आशंका से बचा जा सके. इसके अलावा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया गया है कि वह हर जिले में संक्रमण दर, अस्पताल की स्थिति और आईसीयू में बिस्तरों की उपलब्धता पर नजर बनाए रखें. इसी के साथ निर्देशों में ये भी कहा गया है कि जिन जिलों में कोरोना के मामले अभी भी ज्यादा हैं वहां अति सक्रिय उपाय किए जाएं ताकि मामलों में बढ़ोतरी को रोका जा सके. इसी के साथ सरकार ने ‘टेस्ट-ट्रैक-ट्रीट- वैक्सीनेट’ और कोविड उपयुक्त व्यवहार की पांच सूत्री रणनीति पर ध्यान देने के लिए कहा है.

यदि आप कोरोना मुक्त हो चुके हैं और यह सोच रहे कि दोबारा संक्रमित नहीं होंगे तो सावधान हो जाएं। आपके शरीर में एंटीबॉडी बनी हो या नहीं, आप फिर संक्रमित हो सकते हैं। देश के कई शहरो में दोबारा संक्रमित होने के मामले सामने आने लगे हैं। जो लोग कोरोना के हल्के लक्षणों के साथ ठीक हुए हैं, उनमें कई बार एंटीबॉडी बनती ही नहीं है। यदि शरीर में मजबूत एंटीबॉडी नहीं है तो साइटोकिन स्टॉर्म, वायरस से लड़ने वाली एंटीबॉडी अनियंत्रित होकर संक्रमित के साथ स्वस्थ कोशिकाओं को भी नष्ट करने लगती हैं, इससे मल्टी ऑर्गन फेल्योर की स्थिति हो सकती है और मौत की आशंका बढ़ जाती है।

दिवाली से पहले मध्य प्रदेश में कोरोना की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। 1 नंवबर 2021 को प्रदेश में 8 नए पॉजिटव सामने आए है और 7 मरीज ठीक होकर घर पहुंचे है, जिसके बाद एक्टिव केसों की संख्या 116 हो गई है। इसके पहले रविवार 31 अक्टूबर 2021 को 16 नए पॉजिटिव मिले थे। इसमें इंदौर में सबसे ज्यादा 8, भोपाल-बालाघाट में 2-2 सागर और धार में 1-1 कोरोना पॉजिटिव मिले थे। चौंकाने वाली बात तो ये है कि अक्टूबर महीने में 24 जिलों में 317 पॉजिटिव सामने आए हैं। इसमें सबसे ज्यादा भोपाल में 125, इंदौर में 78 और धार में 23 संक्रमित आए थे।

इंदौर जिले में जिस तरह से कोविड वायरस पुन: सक्रिय हो रहा है, ऐसे में सभी लोगों को विशेष सावधानी रखने की जरूरत है। सभी कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें। मास्क अवश्य लगाएं। निर्धारित दूरी बनाये रखें तथा पूरी एहतियात बरतें। टीकाकरण अवश्य करवाएं। अगर कोई टीकाकरण से वंचित है, तो वह टीका अवश्य लगवाए। त्यौहारों के दौरान अपने स्वास्थ्य के प्रति विशेष रूप से सजग रहें अत्यधिक भीड़ भरे क्षेत्रों में जाने से बचें।

इंदौर में दीपावली की खरीदी के दौरान बाजारों में लापरवाह भीड़ बढ़ गई है यही लापरवाही पहली लहर के बाद देखी गई थी और दूसरी लहर ने अपना उग्र रूप दिखाया था, इसीलिए यदि तीसरी लहर से बचना है तो सम्पूर्ण सावधानी बरतना अति आवश्यक है और इसके लिए हमें सरकार, प्रशासन, पुलिस पर निर्भरता छोड़ स्व्यम ही अनुशासन रखना होगा।

– राजकुमार जैन
स्वतंत्र लेखक

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