ओमिक्रॉन संक्रमण का खतरा ‘बहुत ज्यादा’, डब्ल्यूएचओ ने बेहद गंभीर नतीजों की चेतावनी दी

बीते कुछ महीनों से दुनिया भर में कोरोना से मिली राहत के फिर एक बार खत्म होने का डर पैदा हो गया है। द. अफ्रीका में पहली बार पाए गए ओमिक्रॉन वैरिएंट के तेजी से पैर पसारने का खतरा है और इसके चलते भारत जैसे देशों में बड़ा संकट पैदा हो सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी इसे लेकर चेतावनी देते हुए कहा है कि ओमिक्रॉन से संक्रमण फैलने का खतरा बहुत ज्यादा है और इसके बेहद गंभीर नतीजे हो सकते हैं. ओमिक्रॉन के संक्रमण को लेकर कई देशों ने पहले ही दक्षिण अफ्रीका और अन्य पड़ोसी देशों की उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया है. कई देशों ने इन अफ्रीकी देशों से आने वाले यात्रियों के लिए क्वारंटाइन अनिवार्य कर दिया है. ओमिक्रॉन का सबसे पहले पता दक्षिण अफ्रीका में चला था और अब तक 12 देशों में इसके वैरिएंट से संक्रमित मरीज मिल चुके हैं.
खबर की 10 बड़ी बातें यहां पढ़ें –
डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट पूरी दुनिया में तेजी से फैल सकता है. उसने सभी देशों से वैक्सीनेशन में तेजी लाने का अनुरोध किया है. साथ ही सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को इन आपदाओं से निपटने के लिए तैयार करने को कहा है. इस कोविड-19 वैरिएंट का पहला मामला दक्षिण अफ्रीका में पता चला था, लेकिन अब यह 12 देशों में इसके मरीज मिल चुके हैं. ओमिक्रॉन वैरिएंट का दुनिया भर के बाजारों और पर्यटन पर भी गंभीर असर पड़ा है.
विश्व स्वास्थ्य एजेंसी ने एक बयान में कहा कि ओमिक्रॉन के अप्रत्याशित तौर पर कई सारे स्पाइक प्रोटीन हैं. इनमें से कुछ ऐसे हैं कि जो संक्रमण का तेजी से प्रसार कर बड़ी आपदा में तब्दील हो सकते हैं.

डब्ल्यूएचओ की टेक्निकल टीम ने कहा है कि कोविड-10 का यह नया वैरिएंट ओमिक्रोन पूरी दुनिया में फिर से महामारी के असर को गंभीरता की ओर ले जा सकता है. हालांकि ओमिक्रॉन की चपेट में आने वाले अभी किसी मरीज की मौत नहीं हुई है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि ओमिक्रॉन के असली खतरे और इससे बचाव के बारे में जानने के लिए और ज्यादा शोध की जरूरत है. इससे निपटने वाले वैक्सीन और संक्रमण को काबू में करने के बारे में ज्यादा जानकारी जुटाए जाने की जरूरत है.

डब्ल्यूएचओ ने शुक्रवार को ओमिक्रॉन को चिंताजनक वैरिएंट करार दिया था. इसे कोविड वैरिएंट के सबसे खतरनाक स्वरूपों वाले समूह डेल्टा के साथ डाला गया था. जबकि अल्फा, बीटा और गामा कमजोर वैरिएंट हैं.

ओमिक्रॉन से जुड़ा महत्वपूर्ण डेटा अगले हफ्ते आ सकता है. डब्ल्यूएचओ का मानना है कि यह वैक्सीन ले चुके लोगों को भी संक्रमित कर सकता है. हालांकि उसका कहना है कि अगर टीका ले चुके लोगों को यह वायरस चपेट में लेता भी है तो यह मामूली और कम गंभीर होगा.

साउथ अफ्रीका के अलावा बोत्सवाना, इटली, हांगकांग, आस्ट्रेलिया, बेल्जियम, ब्रिटेन, डेनमार्क, जर्मनी, कनाडा, इजरायल औऱ चेक गणराज्य में कोरोना के ओमीक्रोन वैरिएंट के केस मिल चुके हैं. यूरोपीय देशों ने ओमिक्रोन को लेकर कड़े कदमों का ऐलान पहले ही कर दिया है.

अमेरिका, ज्यादातर यूरोपीय देश, ऑस्ट्रेलिया और ज्यादातर बड़े देशों ने अफ्रीका के प्रभावित देशों से आने वाली उड़ानों पर रोक लगा दी है. हालांकि दक्षिण अफ्रीका ने इन प्रतिबंधों को बेहद कठोर बताते हुए तुरंत वापस लेने की मांग की है.

जापान और इजरायल ने तो सभी विदेशी नागरिकों के उनके देश आने पर प्रतिबंध लगा लिया है. ऑस्ट्रेलिया ने कहा है कि वो कुशल प्रवासियों और छात्रों के लिए सीमाएं दोबारा खोलने के फैसले पर दोबारा विचार करेगा.

भारत ने जिन देशों में ओमिक्रोन वैरिएंट मिला है, उनके देशों के नागरिकों के लिए भारत आते ही टेस्टिंग अनिवार्य कर दी है. भारत आने वाले हर अंतरराष्ट्रीय यात्री को एक सेल्फ डिक्लरेशन फार्म भरना होगा और निगेटिव आरटीपीसीआर रिपोर्ट दिखानी होगी. अगर वे इन दोनों शर्तों का पालन नहीं करते हैं तो वो भारत में दाखिल नहीं हो सकते.

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