
दक्षिण अफ्रीका में मिले कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमीक्रॉन का खौफ बरकरार है। इसी बीच नीदरलैंड और ब्रिटेन से दिल्ली आए चार यात्री कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं और अब उनके नमूनों का जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा गया है। जीनोम सीक्वेंसिंग के जरिए पता लगाया जाएगा कि कोरोना के नए वैरिएंट ‘ओमीक्रोन’ से संक्रमित हैं या नहीं। सूत्रों ने बताया कि इन सभी को लोकनायक जय प्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल में, संक्रमितों के लिए आरक्षित वार्ड में आइसोलेट किया गया है।
गौरतलब है कि बुधवार से ही देशभर में कोरोना से बचाव के लिए नई ट्रैवल एडवाइजरी लागू हुई है. इसके चलते जोखिम भरे देशों से आने वाली सभी फ्लाइट्स के यात्रियों की एयरपोर्ट पर ही जांच की जा रही है और कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर उन्हें सात दिनों के लिए क्वारंटाइन भी किया जा रहा है.
नई एडवाइजरी के अनुसार कोरोना पॉजिटिव पाए जाने वाले यात्रियों को आइसोलेट कर उनका इलाज किया जाएगा और उनके नमूने तुरंत आईएनएसएसीओजी लैब्स नेटवर्क को भेजे जाएंगे, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं उन्हें ओमिक्रॉन वायरस तो नहीं है.
हालांकि एयरपोर्ट पर इन टेस्ट की वजह से यात्रियों को ढाई से छह घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है, लेकिन यह एक प्रक्रिया का हिस्सा है जिसे पूरा करना अनिवार्य है. बिना टेस्ट की नेगेटिव रिर्पोट आए कोई भी व्यक्ति एयरपोर्ट से बाहर नहीं जा सकता.