
देश में कोरोना वायरस का नया वेरिएंट ओमिक्रॉन तेजी से फैल रहा है. जिसके चलते हर रोज नए मरीजों में इसकी पुष्टि हो रही है. मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी देते हुए बताया कि देशभर में अब तक ओमिक्रॉन के 200 मामले दर्ज किए जा चुके हैं. ये मामले देश के 12 राज्यों से सामने आए हैं. अधिकांश केस महाराष्ट्र और दिल्ली से है. इनमें से 77 मरीज अब तक ठीक भी हो चुके हैं. वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट कोरोना के अन्य वेरिएंट से कम घातक है. इस बीच ओमिक्रॉन को मात देकर ठीक हुए एक मरीज ने बीमारी को लेकर अपना अनुभव साझा किया. उन्होंने कहा मुझे ना खांसी थी और ना बुखार जैसा कोई भी लक्षण था। मैं पूरी तरह ठीक था और मुझे तो ये भी नहीं लग रहा था कि मैं कोरोना संक्रमित हूं। यह बात दिल्ली में मिले पहले ओमिक्रॉन संक्रमित ने एनडीटीवी से बातचीत में कही है। दुबई से यात्रा करके लौटे 27 साल के साहिल ठाकुर दिल्ली में मिले ओमिक्रॉन के पहले संक्रमित मरीज हैं।
एयरपोर्ट पर जांच ही नहीं हुई
साहिल ने बताया कि 4 दिसंबर को वे दुबई से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे। ई सुविधा का इस्तेमाल करके वे एयरपोर्ट से बाहर निकल गए थे। किसी ने उनकी जांच नहीं की। रोहिणी में घर लौट आने के बाद वे आम जीवन जी रहे थे। इसके बाद किसी काम से उन्हें मुंबई जाना था इसलिए तीन दिन बाद 7 दिसंबर को उन्होंने कोरोना की जांच कराई।
अगले दिन जांच रिपोर्ट में उन्हें कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई। 10 दिसंबर को स्वास्थ्य विभाग से उन्हें कॉल आया कि उनका कोरोना के ओमिक्रॉन वाले रूप से संक्रमित होने का पता चला है। दरअसल, जब साहिल कोरोना संक्रमित हुए तो उनकी ट्रेवल हिस्ट्री देखी गई और उनके विदेश से लौटने का पता चला तो उनके सैंपल की जीनोम सीक्वेंस जांच कराई गई।
उनकी जांच में ओमिक्रॉन की पुष्टि होने के बाद उनके घर के सामने चार सुरक्षा गार्ड तैनात कर दिए गए। उन्होंने कहा कि वह खुद सुरक्षा के तौर पर घर में आइसोलेशन में रह रहे थे। ऐसे में सुरक्षा गार्ड का बाहर रखना उन्हें पसंद नहीं आया। ओमिक्रॉन की पुष्टि होने के बाद 11 दिसंबर को उन्हें लोकनायक अस्पताल ले जाने के लिए घर के नीचे एक एंबुलेंस भेज दी गई।
अस्पताल में उन्हें अलग कमरा दिया गया था। वहां कुछ दिन बाद और ओमिक्रॉन संक्रमित आ गए। करीब 35 से 40 कोरोना संक्रमित वहां थे। अधिकतर को लक्षण नहीं थे। साहिल ने बताया कि चूंकि उन्हें कोई लक्षण नहीं थे तो कोई दवा भी नहीं ली लेकिन उनके कमरे में जिंक, विटामिन सी, पैरासिटामोल जैसी सामान्य दवाएं रख दी जाती थीं लेकिन उन्होंने कुछ नहीं लिया।
16 दिसंबर को साहिल को घर भेज दिया गया। साहिल ने बताया कि वे दो दिन और आइसोलेशन में रुकेंगे। अभी तक सुरक्षा गार्ड घर के बाहर लगा रखें हैं। उन्होंने बताया कि ये कोई पहली बार नहीं है जो वे कोरोना संक्रमित हुए हैं, वो पहली कोरोना लहर के दौरान भी संक्रमित हो चुके हैं। उन्होंने टीके की दोनों खुराक भी ली हैं।
दिल्ली में 10 दिसंबर को मिले पहले ओमिक्रॉन संक्रमित साहिल ठाकुर अब ठीक हो रहे हैं। 27 वर्षीय साहिल ठाकुर को अब अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है। अभी उनको घर पर 14 दिन के लिए होम क्वारंटाइन रखा गया है। साहिल ठाकुर के घर के बाहर कुछ सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। ये सुरक्षाकर्मी सुनिश्चित कर रहे हैं कि उनके घर पर कोई अन्य ना आ सके।
उन्होंने कहा कि लोग सतर्क रहें, पर डरने जैसा कुछ नहीं है. मैं जिनसे भी मिला किसी को मैंने कोरोना ट्रांसमिट भी नहीं किया. हमने कोरोना की दोनो डोज ले रखी है तो ज्यादा असर दिखा नहीं. लोग सरकार के साथ कॉपरेट करें. मुझे पता है कि ये उतना घातक नहीं है.