
कांग्रेस नेता और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को कोरोनावायरस से फैली महामारी कोविड-19 के वैक्सीन को लेकर ट्वीट किया है. उन्होंने अपने ट्वीट में कहा कि भारत कोविड-19 वैक्सीन बनाने वाले देशों में से एक होगा लेकिन उन्होंने इसके समान पहुंच के लिए रणनीति बनाने की जरूरत की भी बात कही.
बता दें कि पिछले महीने ‘Novel Ideas in Science and Ethics of Vaccines against COVID-19 pandemic’ विषय पर एक अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया था, जिसमें स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने जानकारी दी थी कि सरकार और संबंधित संस्थाएं इस बात पर विचार-विमर्श कर रहे हैं कि वैक्सीन तैयार होने पर सबसे पहले किसे दिया जाएगा. इसके लिए सरकार ऐसे लोगों के समूहों की पहचान कर रही है. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में नियुक्त विशेष कार्य अधिकारी राजेश भूषण ने कहा कि टीका प्राथमिकता के आधार पर पहले किन्हें मिलना चाहिए, इस विषय पर सरकार के भीतर और बाहर दोनों जगह चर्चा की जा रही है.
इस सेमिनार में नीति आयोग के सदस्य और कोविड-19 राष्ट्रीय कार्यबल के सदस्य वी के पॉल ने कहा था कि वैक्सीन तक पहुंच में बराबरी के सिद्धांत और मानवाधिकारों को सबसे ऊपर रखा जाएगा. उन्होंने कहा था, ‘हम अमीरों-गरीबों का भेद नहीं होने देंगे. यह हमें मंजूर नहीं है. इसलिए हम जरूरतमंदों के हिसाब से वैक्सीन पहले पाने वाले समूहों की पहचान कर रहे हैं.’
भारत में फिलहाल भारत बायोटेक फार्मा कंपनी अपने वैक्सीन Covaxin और Zydus Cadila अपनी वैक्सीन ZyCov-D का ह्यूमन ट्रायल कर रही हैं. भारत बायोटेक ने भारतीय चिकित्सास अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और नेशनल इंस्टीट्यूट आफ वायरोलॉजी के साथ मिलकर कोरोनावायरस के इलाज में संभावित रूप से काम आने वाले इस टीके को तैयार किया है. Zydus Cadila को पिछले महीने उसके कोविड- 19 के टीके के ह्यूमन ट्रायल के लिए अनुमति मिली थी.