दो दिनों से बिना कुछ खाए-पीए पहाड़ों की दरार में फंसा रहा युवक, आर्मी ने यूं बचाया

दो दिनों से केरल राज्य के पलक्कड़ जिले के मलमपुझा गांव में एक पहाड़ी दरार में बिना भोजन और पानी के फंसे हुए ट्रेकर आर. बाबू को आखिरकार सेना के जवानों की एक टीम ने एक मेगा बचाव ऑपरेशन के बाद सुरक्षित बचाने में सफलता हासिल कर ली. पहाड़ से सुरक्षित बाहर निकाले जाने के बाद बचाव दल के साथ 23 वर्षीय बाबू ने फोटो भी खिंचवाई. सेना के अधिकारियों ने कहा कि बचाव दल फंसे हुए ट्रेकर तक पहुंचने के लिए लगातार चार घंटे तक रेंगता रहा. बाद में आर. बाबू को भोजन और पानी दिया गया.

सेना के एक अधिकारी ने बताया कि युवक अभी भी पहाड़ की चोटी पर है और उसे IV फ्लूइड (IV fluids) दिए जा रहे हैं. घुटने में कुछ चोटें आने के कारण उन्हें एयरलिफ्ट कर अस्पताल ले जाया जाएगा. हाल के दिनों में सबसे बड़ा बचाव अभियान कहे जा रहे इस ऑपरेशन में नौसेना और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के कर्मी भी शामिल थे.

गौरतलब है कि मलमपुझा क्षेत्र में आर. बाबू सोमवार को एक पहाड़ी पर चट्टानों के बीच फंसा गया था. बचाव दल उस तक भोजन या पानी पहुंचाने या उसे बाहर निकालने में असमर्थ था. पलक्कड़ में भीषण गर्मी में पहाड़ी में फंसे युवक को बचाने के लिए तटरक्षक बल (Coast Guard) के एक हेलीकॉप्टर अभियान सहित कई प्रयास किए गए. केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने भी इस मामले में हस्तक्षेप किया था और युवक को बचाने के लिए सेना की मदद मांगी थी. इसके बाद सेना की दक्षिणी कमान के लेफ्टिनेंट जनरल अरुण ने एक दिन पहले मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) को बताया था कि एक विशेष टीम जल्द ही बेंगलुरु से रवाना होगी. पर्वतारोहण और बचाव में महारत रखने वाली ये टीम सड़क मार्ग से पहुंची क्योंकि रात में हेलीकॉप्टर से यात्रा करना संभव नहीं होता.

मीडिया ने दिखाया कि तटरक्षक बल के बचाव प्रयास विफल होने के बाद राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की एक टीम उस युवक तक पहुंचने का प्रयास कर रही थी, जो एक पहाड़ी दरार में फंसा था. स्थानीय लोगों ने बताया कि पहाड़ पर फंसे युवक ने दो अन्य लोगों के साथ सोमवार को चेराड पहाड़ी की चोटी पर चढ़ने का फैसला किया था. लेकिन अन्य दो साथियों ने ये प्रयास बीच में ही छोड़ दिया. जबकि आर. बाबू लगातार ऊपर चढ़ता रहा और वहां पहुंचने के बाद फिसल कर गिर गया और पहाड़ के मुहाने पर चट्टानों के बीच फंस गया.

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